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ESIC हॉस्पिटल में भर्ती रैकेट का पर्दाफाश : एसीबी ने 20 लाख रुपए जब्त कर भर्ती करने वालीकम्पनी मालिक सहित 3 को गिरफ्तार किया

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अलवर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गुरूवार देर रात अलवर के ईएसआईसी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज में घूसखोरी के बड़े रैकेट का खुलासा किया। करीब 531 पदों पर संविदा पर भर्ती करने वाली गुजरात की एमजे सोलंकी कंपनी आवेदकों से अवैध वसूली कर रही थी। कंपनी ने अब तक 100 लोगों की भर्ती की है।

एसीबी ने एमजे सोलंकी कंपनी के मालिक मिनेश पटेल को अजमेर से 15 लाख रूपयों के साथ गिरफ्तार किया है। वहीं जोधपुर निवासी भरत पूनिया को अलवर में गिरफ्तार कर इनसे 4 लाख 50 हजार रुपए बरामद किए हैं। जोधपुर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत अलवर निवासी महिपाल यादव से 70 हजार रुपए जब्त किए हैं।

एसीबी अब संविदा कर्मियों की भर्ती के लिए गठित काॅलेज एंड हाॅस्पिटल के पैनल में शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके चलते एसीबी ने बीती रात मेडिकल काॅलेज में डीन, एडी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के 7 चैंबर सील किए हैं।

90 आवेदकों से एक से डेढ़ करोड़ रूपए वसूले जा चुके हैं

एसीबी डीएसपी कमल नयन ने बताया कि एमजे साेलंकी कंपनी द्वारा अब तक 90 लोगों से संविदा भर्ती के नाम पर करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए वसूले जा चुके थे। मेडिकल कॉलेज में छोटे से बड़े करीब 31 तरह की पोस्ट पर भर्ती होनी है, जिनके कुल 531 पद बताए गए हैं। पोस्ट पर पे स्केल अच्छा होने के कारण अभ्यर्थियों से भर्ती से पहले ही वेतन का चार गुना दाम लेने लगे। नर्सिंगकर्मी सहायक पद के लिए करीब 80 से 90 हजार रुपए व नर्सिंग स्टाफ से डेढ़ से 2 लाख रुपये भर्ती के नाम पर लेते थे। रिश्वत की राशि पद के वेतन के आधार पर तय थी।

कंपनी मालिक मिनेश पटेल ने अलवर में भर्ती के लिए भरत पूनिया को कॉर्डिनेटर लगाया था। इसी कंपनी ने जोधपुर हाॅस्पिटल में भी संविदा कर्मियों की भर्ती करवायी हुई है, ऐसे में कंपनी वहां कार्यरत महिपाल सिंह के संपर्क में थी। महिपाल सिंह अलवर निवासी है, तो वह स्थानीय आवेदकों को भरत पूनिया के पास भेजता था। भरत पूनिया के पास महिपाल सहित कई अन्य लोगों के जरिए अभ्यर्थी पहुंचे थे।

अधिकारी और नेता भी करवा रहे थे कम्पनी के जरिए भर्ती

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि भरत पूनिया अभ्यर्थियों को कंपनी की पॉलिसी बताकर कहता था कि हर अभ्यर्थी संविदा पर नौकरी के लिए पद पर उसे मिलने वाले वेतन का चार गुना पैसा पहले कंपनी को देगा। इसके एवज में कोई रसीद नहीं देते थे। पूनिया ने पूछताछ में बताया कि कई आवेदक संविदा पर भर्ती के लिए अधिकारियों और नेताओं की सिफारिश लेकर भी आ रहे थे।

सांसद बालकनाथ के पीए भी जांच के दायरे में

अलवर सांसद बालकनाथ के पीए कुलदीप यादव भी एसीबी की जांच के दायरे में है। एसीबी को पीए कुलदीप यादव की कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। जिसके आधार पर पीए कुलदीप ने 5 लाख की राशि आरोपियों से मांगी थी, बाद में वाट्सऐप पर 9 अभ्यर्थियों की सूची भेजी थी। जिस पर पूनिया ने 4 अभ्यर्थियों को लगाने को कहा था, इस पर पीए ने 4 नहीं 5 तो लगाओ जबाब दिया था।ऐसे में एसीबी कुलदीप यादव की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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