उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को दो अलग-अलग कार्यवाही करते हुए रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में उदयपुर के सुलंबर पटवारी राजेन्द्र सिंह चौहान और लसाड़िया एसडीएम सुनील झिंगोनिया को गिरफ्तार कर किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर स्पेशल यूनिट ने सोमवार को सलुंबर के मातासुला तहसील पटवारी राजेन्द्र सिंह चौहान को 50 हजार रूपए रिश्वत लेते धरदबोचा। पटवारी परिवादी से 15 हजार रूपए पूर्व में प्राप्त कर चुका था और कृषि भूमि के व्यावसायिक रूपांतरण करने की एवज में 1.50 लाख रूपए की रिश्वत मांगी थी। वहीं एसीबी जयपुर की टीम ने उदयपुर के लसाड़िया एसडीएम सुनील झिंगोनिया को मांइस मालिक से 50 हजार रूपए मासिक बंधी मांगने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया है।
पटवारी ने जमीन रूपांतरण की एवज में मांगे थे डेढ़ लाख रूपए
एडि.एसपी उमेश ओझा ने बताया कि मल्लातलाई निवासी परिवादी भूपेन्द्र दामा ने एसीबी कार्यालय आकर मातासुला तहसील सलुंबर पटवारी राजेन्द्र सिंह चौहान के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में परिवादी ने बताया था कि परिवादी की पत्नी के नाम पर मातासुला में एक पेट्रोल पंप आवंटित हुआ है। पेट्रोल पंप जिस जमीन पर शुरू किया जाना है, वह वर्तमान में कृषि भूमि है। इस कृषि भूमि के व्यावसायिक रूपांतरण के लिए उसने तहसील में आवेदन किया है। इस भूमि की मौका रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को अग्रेषित करने की एवज में मातासुला पटवारी राजेन्द्र सिंह चौहान से डेढ़ लाख रूपए रिश्वत मांगी है।
शिकायत का एसीबी टीम ने सत्यापन करवाया तो इस दौरान पटवारी राजेन्द्र सिंह चौहान ने परिवादी से 15000 रूपए बतौर रिश्वत (पहली किश्त) ले लिए। शिकायत का सत्यापन होने पर आज सोमवार को एसीबी स्पेशल यूनिट ने ट्रेप कार्यवाही की। पटवारी राजेन्द्र सिंह ने परिवादी को रिश्वत की दूसरी किश्त लेकर अपने तहसील परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर पर ही बुला लिया। सरकारी क्वार्टर पर जैसे ही पटवारी ने परिवादी ने रिश्वत के 50 हजार रूपए लिए, एसीबी ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
लीगल माइंस को बंद करने की धमकी देकर एसडीएम मांग रहा था मासिक बंधी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को उदयपुर के लसाड़िया एसडीएम सुनील झिंगोनिया को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि एक माइंस कारोबारी ने लसाड़िया एसडीएम सुनील झिंगोनिया के खिलाफ 50 हजार रूपए मासिक बंधी मांगने की शिकायत की थी। इसमें माइंस कारोबारी ने बताया था कि वह लीगल माइंस चलाता है। एसडीएम परिवादी माइंस मालिक को माइंस बंद करवाने की धमकी देकर परेशान कर रहा था और माइंस में काम चालू रखने की एवज में हर महीने 50 हजार रूपए मासिक बंधी मांग रहा था।
एसीबी चित्तौड़गढ़ ने सत्यापन किया तो शिकायत की पुष्टि हुई। लेकिन एसीबी कार्यवाही की भनक लगने पर एसडीएम सुनील झिंगोनिया फरार हो गया था। इस पर एसीबी ने सुनील झिंगोनिया के खिलाफ मामला दर्ज किया। एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि आज सोमवार को जयपुर में सुनील झिंगोनिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसके जयपुर में मुरलीपुरा स्थित निजी आवास और लसाड़िया स्थित एसडीएम कार्यालय व आवास और चित्तौड़गढ़ सहित अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की जा रही है।

