उदयपुर,(ARLive news)। पश्चिम बंगाल में 2017 में TMC छोड़कर भाजपा का दामन पकड़ने वाले मुकुल राॅय और उनके बेटे शुभ्रांग्शु की घर वापसी हो गयी है। शुक्रवार को मुकुल राॅय और उनके बेटे शुभ्रांग्शु टीएमसी में वापस लौट आए। वापसी कर मुकुल राॅय बोले की घर वापस आकर अच्छा लग रहा है, अभी भाजपा में जो हालात हैं, उनमें वहां कोई नहीं रहेगा।
मुकुल राॅय की वापसी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जिन्होंने गद्दारी की, उनकी तृणमूल में कोई जगह नहीं है। ममता ने यह बात कहकर टीएमसी छोड़कर भाजपा में जाने वाले उन नेताओं पर निशाना साधा है, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में टीएमसी को डैमेज करने के लगातार प्रयास किए।
पीएम मोदी की बातचीत भी इस वापसी को नहीं रोक पायी
यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि मुकुल राॅय की तृणमूल में वापसी भाजपा नहीं रोक पायी। मुकुल राॅय का जब स्वास्थ्य खराब था तो, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद मुकुल की पत्नी से बात कर मुकुल के हालचाल पूछे थे और 3 जून को मुकुल राॅय से फोन पर बात की थी। लेकिन मुकुल राॅय ने टीएमसी में लौटने का अपना फैसला बरकरार रखा और आज फाइनली टीएमसी में लौट आए।
पश्चिम बंगाल में भाजपा को लगातार बढ़त दिलाने के बाद भी अपेक्षित सम्मान नहीं मिला
मुकुल राॅय ने नवंबर 2017 में टीएमसी छोड़कर भाजपा जाॅइन की थी और अभी वे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। मुकुल रॉय के चुनावी प्रबंधन का ही कमाल था कि बीजेपी ने 2018 में हुए पंचायत चुनाव में कई सीटों पर अच्छा परफॉर्म किया था। लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी को 18 सीटें जिताने में मुकुल राॅय की बड़ी भूमिका मानी जाती है।
हालां कि इन सब के बावजूद पार्टी में वे जो सम्मान की अपेक्षा कर रहे थे, वह उन्हें नहीं मिला, जबकि शुभेंदु अधिकारी का कद भाजपा में तेजी से बढ़ा। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इन सभी हालातों को देखकर ही मुकुल राॅय ने टीएमसी में वापसी का निर्णय लिया है।

