उदयपुर,(ARLive news)। आगामी वर्षा ऋतु में संभावित अतिवृष्टि एवं उससे उत्पन्न होने वाली आपदा में बेहतर प्रबंधन के लिए बुधवार को कलेक्टर चेतन देवड़ा ने विभिन्न विभागों की बैठक ली। कलक्टर देवड़ा ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागीय अधिकारियों से जिले में प्रमुख जलाशयों की स्थिति, प्रमुख बांधों के गेटों की मरम्मत, साईरनों की स्थिति, आपदा से निबटने के लिए उपलब्ध संसाधन और आपदा प्रबंधन के लिए की विभागों के स्तर पर की गई तैयारियों के बारे में जानकारी ली और खामियों को समय पर दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
कलक्टर ने कहा सभी संसाधन उपयोग योग्य स्थिति में हो, यह सुनिश्चित किया जाए ताकि आपदा स्थिति में इनका त्वरित गति से उपयोग हो पाए।
गोताखोरों की ट्रेनिंग करवाने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने जिले में गोताखोरों, डाईविंग सूट्स और तैराकों की संख्या के बारे में जानकारी ली और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गोताखोरों की ट्रेनिंग करवाएं ताकि आपदा स्थितियों में इनकी सेवाएं ली जा सकें। उन्होंने संबंधित विभागों तथा उपखण्ड स्तर के नियंत्रण कक्षों को 15 जून तक स्थापित करने और के निर्देश दिए। ।
विभागों को ये दिए निर्देश
- मत्स्य विभाग को नाव एवं गोताखोर की सूची तैयार करने।
- परिवहन विभाग से नावों की फिटनेस रिपोर्ट बनाने।
- रसद विभाग को जिले में पेट्रोल-डीजल और केरोसिन का पर्याप्त स्टॉक रखने।
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों के साथ मोबाइल मेडिकल टीम तैयार रखने व बारिश के दौरान मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए फॉगिंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
- विद्युत विभाग को बिजली सप्लाई के पोल ठीक करने, ढीले तारों को खींचकर टाइट करने, जमीन पर पड़े ट्रांसफार्मर को सही जगह पर लगाने आदि कार्य करने के निर्देश दिए।
- पीडब्ल्यूडी को ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों को निर्बाध रखने की व्यवस्था करने, नदी-नालों की रपट वाले स्थानों को चिह्नीत कर संकेतक लगाने के निर्देश दिए।

