तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा और कालमेघ प्रजाति के 8-8 पौधे घर–घर पहुंचाए जाएंगे
उदयपुर,(ARLive news)। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को है, वहीं हर व्यक्ति कोरोना की तबाही को झेल रहा है। इस बीच वन विभाग ने कोरोना से लड़ने के लिए कुछ खास करने की पहल की है। वन विभाग उदयपुर जिले के हर घर में 8-8 औषधीय पौधे पहुंचाने की तैयारी कर रहा है और वन विभाग की नर्सरियों में हर घर के 8 पौधे के अनुपात में 4 प्रजाति के 27 लाख 33 हजार औषधीय पौधे तैयार हो रहे हैं। 15 जुलाई से औषधीय पौधों को घर-घर पहुंचाने का कार्य शुरू होगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट-2021 के तहत “घर-घर औषधीय पौधे” योजना की घोषणा की थी, ताकि प्रदेश के नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर हो और औषधीय पौधों का संरक्षण हो। उदयपुर में वन विभाग इस योजना के लिए 27 लाख से अधिक औषधीय पौधे तैयार कर रहा है। कलेक्टर चेतन देवड़ा इन पौधों को घर-घर तक पहुंचाने की क्रियांविती को लेकर निर्देश जारी करेंगे।
उदयपुर वन संरक्षक आरके जैन ने बताया कि उदयपुर जिले में कुल 310597 घर (उदयपुर वन मंडल में 1 लाख 60 हजार और उदयपुर उत्तर वन मंडल के तहत 1 लाख 50 हजार 597 घर) चिह्नित किए गए हैं। 3 लाख 10 हजार परिवारों को आठ-आठ पौधे के अनुसार 27 लाख 33 हजार 249 औषधीय पौधे तैयार किए जाएंगे। उदयपुर की वन नर्सरियों में ये पौधे बड़े स्तर पर तैयार किए जा रहे हैं। कलेक्टर से चर्चा कर इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 15 जुलाई से औषधीय पौधों को घर-घर पहुंचाने का कार्य शुरू होगा।
ये पौधे लगाए जाएंगे घर-घर और ये ऐसे होंगे स्वास्थ्य वर्धक
- गिलोय: बुखार, रक्त विकार और गठिया रोग में लाभकारी है। संक्रमणरोधी होने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
- कालमेघ: पेट, लीवर, स्किन रोग, सोरायसिस, वृक्क विकारों को दूर करता है। एंटी वायरल होने से इम्यूनिटी बढ़ाता है।
- तुलसी: तुलसी कई रोगों में लाभकारी होने के साथ ही इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर है।
- अश्वगंधा: गठिया, नाड़ी दौर्बल्यनाशक, नपुंसकता में कारगर और बुद्धिवर्धक औषधि है। अश्वगंधा इम्यूनिटी बढ़ाकर शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है।

