उदयपुर,(ARLive news)। इन दिनों अधिकतर व्यक्ति कोरोना, वैक्सीनेशन की बुकिंग, कोरोना की दवाई, हाॅस्पिटल में बेड जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो साइबर ठगों ने भी इन्हीं कारणों को ठगी का जरिया बना लिया है। इसका खुलासा सवीना थाना पुलिस ने साइबर ठगों के खाते फ्रीज करवा किया है। पुलिस ने ठगों के खातों से ठगी के 1 लाख 22500 रूपए भी बरामद किए हैं। यह राशि वापस पीड़ितों को दिलवाई गयी है।
इन मामलों के खुलासे में थानाधिकारी रवीन्द्र सिंह चारण के नेतृत्व में हेडकांस्टेबल सुनील विश्नोई और कांस्टेबल राजकुमार जाखड़ की मुख्य भूमिका रही है। पूर्व में भी इस टीम ने सवीना थाने पर दर्ज साइबर ठगी के मामलों में 2,15000 रूपये रिकवर किए थे।
एसपी राजीव पचार ने बताया कि गत दो सप्ताह में सवीना थाने पर कोविड-19 की वैक्सीन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सहित अन्य तरीकों से ऑनलाईन ठगी की शिकायतें काफी संख्या में प्राप्त हो रही थीं। इस पर थानाधिकारी ने टीम गठित कर सम्बन्धित कम्पनियों और बैंकों से तत्काल सम्पर्क कर ठगों के खाते फ्रीज करवाये। और पीड़ितों को उनकी ठगी की गयी राशि वापस दिलवायी।
ऐसे बहाने बनाकर ठगों ने की वारदात
: अर्जुन ओड ने कोरोना टीका लगवाने का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र फेसबुक पर लगाया था। फेसबुक देखकर ठग एक्टिव हो गए। ठगों ने प्रार्थी को कॉल किया और हैल्थ डिपार्टमेंट का व्यक्ति बनकर बात की। उसने कहा कि आपका रजिस्ट्रेशन पूर्ण नहीं हुआ है। रजिस्ट्रेशन करने के बहाने ठग अर्जुन ओड को फर्जी एप पर ले गया और वहां एक फॉर्म भरवाया। इस दौरान ओटीपी प्राप्त कर प्रक्रिया की और प्रार्थी के खाते से 3000 रूपए ठग लिए।
: लालाराम ने सोशल मीडिया पर कोरोना वैक्सीन लग जाने की जानकारी पोस्ट की थी। यहां से ठग ने प्रार्थी की सारी जानकारी ली। इसके बाद ठग ने प्रार्थी को काॅल किया और सिम बंद हो जाने का कहकर सिम को को आधार कार्ड से लिंक करवाने के लिए कहा। इस बहाने ठग ने प्रार्थी को गूगल ओपन कर उसमें बीएसएनल ऑनलाइन रिचार्ज सर्च करने को कहा। प्रार्थी ने सर्च किया और अपनी डिटेल उसमें भर दी। वह एक फर्जी वेबसाइट थी, तो प्रार्थी कि डिटेल ठग के पास पहुंच गयी और प्रार्थी के अकाउंट से 30000, 20000, 8000, 13000 रुपए निकाल लिए गए। इस केस में पुलिस ने 49500 रुपए रिकवर कर लिए हैं।
किश्त जमा हुई या नहीं, यह ऑनलाइन चेक करने के बहाने की ठगी
: सेक्टर 12 निवासी गोपाल लाल ने आधार फाइनेंस से लोन लिया हुआ है। उनके पास कॉल आया और बताया कि आपकी पिछले महीने की किस्त जमा नहीं हुई है। प्रार्थी ने कहा किस्त जमा करा दी है। जिस पर ठग ने प्रार्थी को कहा कि में चैक कर लेता हूं, आपकी किस्त जमा क्यों नहीं हुई। इस दौरान ठग ने प्रार्थी को एक लिंक भेजा। इस लिंक पर क्लिक करने पर प्रार्थी के पास ओटीपी आया। किस्त के बारे में पता करने की प्रक्रिया बताकर ठग ने प्रार्थी से ओटीपी भी पूछ लिया और फिर प्रार्थी के खाते से 50000 रूपए ठग लिए। जो पुलिस ने बरामद करवाए।
: सेक्टर 9 निवासी विजय के साथ एटीएम क्लोनिंग की वारदात हुई और उनके खाते से 20000 रूपए निकाल लिए गए। परिवादी ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया तो पुलिस ने आरोपी का बैंक खाते फ्रीज करवा यह राषि वापस पीड़ित को दिलवायी।

