चित्तौड़गढ़,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर की टीम ने मंगलवार को चित्तौड़गढ़ जिले की बड़ी सादड़ी नगर पालिका के चैयरमेन निर्मल पितलीया के साले कुश शर्मा को 2 लाख रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वहीं नगर पालिका के चैयरमेन निर्मल पितलीया फरार हैं, जिनकी एसीबी तलाश कर रही है। यह राशि चैयरमेन निर्माण ठेकेदार से उसका 3 लाख 92 हजार का बिल पास करने की एवज में ले रहा था।
एसीबी एडि.एसपी उमेश ओझा ने बताया कि परिवादि विष्णुदत्त शर्मा ने एसीबी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि उसके पुत्र हितेष व्यास ने 2020-21 में बड़ी सादड़ी नगर पालिका क्षेत्र में ठेका प्राप्त होने पर सड़क डामरीकरण का कार्य किया था और नाली निर्माण किया था। इसका फाइनल भुगतान 3 लाख 92 हजार 692 बकाया था। इसे पास करने की एवज में पालिका चैयरमेन निर्मल पितलीया भुगतान राशि का 50% के अनुसार 2 लाख रूपए बतौर रिश्वत मांग रहे हैं।
रिश्वत में भी सिक्योरिटी ली : परिवादी से उसकी फर्म का हस्ताक्षरशुदा खाली चेक एडवांस में ले लिया
चैयरमेन ने परिवादी को दबाव में बनाए रखने के लिए उसकी फर्म का हस्ताक्षरशुदा खाली चेक पहले से ही ले लिया था, ताकि परिवादी भुगतान होने के बाद रिश्वत राशि देने से इनकार न कर सके। 24 मई को जैसे ही परिवादी के खाते में ट्रेजरी से भुगतान राशि जमा हुई। चैयरमेन ने उसका 50 प्रतिशत हिस्सा देने को कहा।
रिश्वत राशि लेने चैयरमेन ने साले को भेजा
एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन किया, पुष्टि होने आज मंगलवार को एसीबी टीम बड़ी सादड़ी पहुंची। चैयरमेन ने परिवादी को 2 लाख रूपए लेकर बड़ी सादड़ी के एसबीआई बैंक के पास आने को कहा और रिश्वत राशि लेने के लिए अपने साले कुश शर्मा को भेज दिया। चैयरमेन के साले कुश शर्मा ने जैसे ही परिवादी से रिश्वत राशि ली, एसीबी ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की भनक लगने पर चैयरमेन निर्मल पितलीया फरार हो गए, जिसकी एसीबी तलाश कर रही है।
कार्यवाही करने वाली टीम: पुलिस उप अधीक्षक हेरंब जोशी, पुलिस निरीक्षक हरीशचन्द्र सिंह के नेतृत्व में हेडकांस्टेबल रमेश चन्द्र, मुनीर मोहम्मद, कांस्टेबल मांगीलाल, टीकाराम, नंद किशोर और कनिष्ठ लिपिक लक्ष्मण सिंह की टीम।

