Site iconSite icon AR Live News

2500 रूपए में पीड़ित के घर जाकर ले रहे थे कोरोना जांच सैंपल: एसीबी ने इंटर्न और सरकारी डिस्पेंसरी के दो संविदाकर्मियों को गिरफ्तार किया

intern student with 3 person trapped taking bribe for collect corona test sample from homeintern student with 3 person trapped taking bribe for collect corona test sample from home

अजमेर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को घर से सैम्पल लेकर कोविड जांच करने के मामले में तीन लोगों को ढाई हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया है। इसमें दो सरकारी डिस्पेंसरी में कार्यरत संविदाकर्मी हैं और एक नर्सिंग काॅलेज का इंटर्नशिप स्टूडेंट है।विद्यार्थी ने खुद को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय का कंपाउडर बताया था।

पुलिस उप अधीक्षक एसीबी अजमेर अनूप सिंह ने बताया कि जाजू नर्सिंग कॉलेज अजमेर के इंटर्नशिप विद्यार्थी सावन राठौड़, अजमेर पुलिस लाईन डिस्पेंसरी के संविदा कर्मी राजकुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुलाब बाडी, अजमेर के संविदा कर्मी नवीन डामोर को गिरफ्तार किया है।सरकार में कोविड की आरटीपीसीआर जांच निशुल्क होती है। लेकिन ये तीनों मिलकर लोगों से उनके घर जाकर सैंपल लेने की एवज में प्रति सैंपल 1000 रूपए ले रहे थे।

नर्सिंग इंटर्न ने खुद को सरकारी अस्पताल का कम्पाउंडर बताकर परिवादी से ली रिश्वत

परिवादी पटेल नगर, अजमेर निवासी तरूण अग्रवाल ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार परिवादी को परिवार के तीन सदस्यों की कोरोना जांच करवानी थी। इस पर सावन राठौड़ उसके संपर्क में आया। उसने खुद को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय का कंपाउडर बताया और घर आकर सैंपल लेने का प्रति सैंपल 1000 रूपए मांग की। इंटर्न स्टूडेंट ने 3 सैंपल के 3 हजार रूपए मांगे। परिवादी ने 2500 रूपए में तीन सैंपल जांचने के लिए कहा तो इटर्न सावन तैयार हो गया।

तय बात के अनुसार शुक्रवार को सावन अपने साथी राजकुमार के साथ परिवादी के घर पहुंचा। वहां परिवादी और उसके परिवार के दो सदस्यों के कोरोना जांच सैंपल लिए और फीस के 2500 रूपए परिवादी से लिए। इसी दौरान वहां एसीबी ने दोनों को रूपयों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों की असली पहचान सामने आयी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह सैंपल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुलाब बाडी, अजमेर के कम्प्यूटर ऑपरेटर (संविदा कर्मी) नवीन डामोर को दे देते हैं। वह वहां सैंपल को जांच के लिए आगे भेजता है। जिसकी एवज में ये उसे प्रति सैंपल 200 रूपए देते हैं।

Exit mobile version