नई दिल्ली,(ARLive news)। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक राहतभरी खबर है। देश में कोरोना के इलाज में काम आने वाली दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-DG) को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। कोरोना की इस दवा को देश के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) की प्रयोगशाला इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन ने डाॅक्टर रेड्डी लैब्स के साथ मिलकर बनाई है।
10 राज्यों के 27 अस्पतालों में भर्ती मरीजों पर हुआ तीसरे फेज का सफल ट्रायल
इस दवा का गत वर्ष अप्रेल में प्रयोग शुरू किया गया था। परिणाम सफल रहे तो दूसरे चरण के लिए मई 2020 में क्लीनिक ट्रायल शुरू हुए, जो अक्टूबर 2020 तक चले। इसके परिणाम भी सफल रहे तो तीसरे चरण का ट्रायल शुरू किया। तीसरे चरण के ट्रायल में 10 राज्यों दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के 27 अस्पतालों के मरीजों को शामिल किया गया। मरीजों को जब यह दवा दी गयी तो उनकी ऑक्सीजन पर निर्भरता कम हुई और रिकवरी भी जल्दी हुई। बुजुर्ग कोरोना संक्रमितों पर भी इस दवा के सफल परिणाम रहे।
जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी
यह दवा ओरल है और पानी में घोल कर मरीज को दी जाती है। रिसर्च और ट्रालय के दौरान इस दवा के सकारात्मक और सफल परिणाम रहे। ये हाॅस्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को दी गयी, जिसके बाद वे जल्दी ही रिकवर हुए और उनका ऑक्सीजन लेवल में भी सुधार आया।
जानकारी के अनुसार यह दवा फेफड़ों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकती है और ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने में मदद मिलती है। DRDO के वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दवा जल्द से जल्द बाजार में कोविड मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध होने लगेगी।

