नई दिल्ली,(ARLive news)। देश के आंध्रप्रदेश में कोरोना वायरस का जो नया स्ट्रेन N440K मिला है, यह स्ट्रेन मौजूदा वायरस से 15 गुना ज्यादा खतरनाक है और तेजी से फैलता है। यह संक्रमित होने वाले मरीज के ऑक्सीजन लेवल को 3 से 4 दिन में ही बुरी तरह प्रभावित कर देता है। इन दिनों देश में इस वायरस के चलते कई मरीजों की मौत हो रही है।
सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के वैज्ञानिकों ने बताया कि ये भारत में मौजूदा स्ट्रेन के मुकाबले 15 गुना ज्यादा खतरनाक है। इससे संक्रमित होने वाले मरीज 3-4 दिनों में हाइपोक्सिया या डिस्पनिया के शिकार हो जाते हैं। मतलब मरीज के फेफड़े तक सांस पहुंचना बंद हो जाती है। सही समय पर इलाज और ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिला तो मरीज की मौत हो जाती है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक सबसे पहले इसकी पहचान आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हुई, इसके बाद आंध्रप्रदेश, कर्नाटका, तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र के 20-30 प्रतिशत सैंपल में यह स्ट्रेन पाया गया था। हालां कि वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि यह स्ट्रेन आने वाले कुछ सप्ताह में खुद-ब-खुद कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन तब तक लोगों को मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना का ज्यादा ध्यान रखना होगा।
युवाओं, बच्चों को भी चपेट में ले रहा
वैज्ञानिकों के अनुसार ये आम लोगों के बीच काफी तेजी से फैलता है। सबसे चिंता की बात है कि यह स्ट्रेन अच्छे इम्यूनिटी वाले लोगों को भी चपेट में ले रहा है। ये स्ट्रेन युवाओं और बच्चों पर तेजी से हावी हो रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय रहते इसके चेन को तोड़ा नहीं गया तो कोरोना की ये दूसरी लहर और भी ज्यादा भयावह हो सकती है। ये मौजूदा स्ट्रेन बी 1617 और बी 117 से कहीं ज्यादा खतरनाक है।

