वन विभाग डीएफओ ने कहा मौके पर पैंथर अटैक के साक्ष्य नहीं। पुलिस प्रथमदृष्ट्या पैंथर अटैक मान रही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा।
उदयपुर,(ARLive news)। शहर से नजदीक झामर कोटड़ा क्षेत्र में सोमवार को घर से करीब 30 मीटर दूर एक युवती का शव मिला है। युवती के सिर पर गहरे घाव हैं। मौके पर पहुंची पुलिस इसे प्रथमदृष्टया पैंथर अटैक में हुई मौत मान रही है, वहीं वन अधिकारियों का कहना है कि मौके पर पैंथर अटैक के साक्ष्य नहीं मिले हैं, यह हत्या हो सकती है, पुलिस को इस बिंदु पर जांच करनी चाहिए।
कुराबड़ एसएचओ देवेन्द्र सिंह ने बताया कि खंडाया फला झामर कोटड़ा निवासी कालीबाई (17) पुत्री बापूजी मीणा का शव उसके घर से करीब 20-30 मीटर दूर मिला है। रविवार रात युवती अपनी मां के पास घर के आंगन में सोई हुई थी, वहीं उसके भाई-भाभी घर के अंदर कमरे में सोए थे।
सुबह 5 बजे जब मां उठी तो उसे आंगन में काली नहीं मिली। आस-पास, घर के अंदर जाकर देखा तो नहीं मिली। जब काली की तलाश की गयी तो वह घर के पीछे करीब 30 मीटर दूर मिली। युवती जहां सोई थी, वहां भी खून के निशान मिले हैं। प्रथमदृष्ट्या यह पैंथर हमले में हुई मौत लगती है। रात को पैंथर उसे उठा कर ले गया होगा। युवती के परिजनों ने हत्या का संदेह भी नहीं जताया है और न ही ऐसा कोई कारण सामने आया कि उसकी किसी ने हत्या की हो। हालां कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
मौके पर ऐसे साक्ष्य नहीं मिले हों, जिससे पैंथर अटैक की संभावना हो
वन विभाग के डीएफओ मुकेश सैनी ने बताया कि पैंथर अटैक की सूचना पर हमारे एसीएफ, रेंजर सहित टीम मौके पर गयी थी। मौके पर ऐसे साक्ष्य नहीं मिले हों, जिससे पैंथर अटैक की संभावना हो। यह हत्या हो सकती है।
इन कारणों से नहीं हो सकता पैंथर अटैक : डीएफओ
- अमूमन पैंथर जब किसी इंसान को उठा कर ले जाता है कि उसे गर्दन से पकड़ता है, लेकिन युवती के गर्दन पर ऐसे निशान नहीं है। उसके सिर पर चोट के गहरे निशान है।
- युवती के सिर पर घाव हैं, पैंथर ने सिर पर अटैक किया होता तो युवती के चिल्लाने की आवाज जरूर आती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, क्यों कि पास में सोई मां को सुबह तक पता नहीं चला कि युवती वहां नहीं है।
- 17 साल की युवती को पैंथर घसीटकर ही ले जा सकता है, लेकिन युवती के शरीर के अन्य हिस्सों में घसीटने के निशान नहीं हैं।
- आंगन से लेकर वह जगह जहां युवति का शव मिला है, पैंथर के पंजों के निशान तक नहीं हैं।
- परिजनों ने वहां पैंथर देखा भी नहीं।
- अगर पैंथर युवती को उठा कर ले जाता तो उसे जंगल के अंदर लेकर जाता, न कि घर के पास छोड़ता। किसी को पता तक नहीं चला कि पैंथर युवती को उठाकर ले गया है, तो पैंथर उसे बड़े आराम से जंगल के अंदर लेकर जा सकता था, लेकिन शव घर से 30 मीटर दूर ही मिला है।

