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मुख्यमंत्री गहलोत ने “चिरंजीवी योजना-यूनिवर्सल हैल्थ बीमा” और 18-45 आयु वर्ग के टीकाकरण का शुभारंभ किया

rajasthan cm ashok gehlot starts chiranjeevi yojana for all residents and vaccination drive for 18 to 45 age grouprajasthan cm ashok gehlot starts chiranjeevi yojana for all residents and vaccination drive for 18 to 45 age group

जयपुर,(ARLive news)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1 मई शनिवार को राज्य में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के लिए निःशुल्क टीकाकरण का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा और जांच योजना के बाद “यूनिवर्सल स्वास्थ्य बीमा-चिरंजीवी योजना” हर प्रदेशवासी को इलाज के भारी भरकम खर्च की चिंता से मुक्त कर देगा।

मुख्यमंत्री ने चिरंजीवी योजना का शुभारंभ कर जयपुर, अजमेर और जोधपुर में टीका लगवाने वाले 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के युवाओं से संवाद किया। इस अवसर पर इन तीनों जिलों के चयनित लाभार्थियों को चिरंजीवी योजना के पाॅलिसी दस्तावेज भी वितरित किए गए।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 3500 करोड़ रूपए की लागत से संचालित चिरंजीवी योजना में हार्ट, कैंसर, किडनी, डायलिसिस और कोविड जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1576 प्रकार के पैकेज शामिल हैं। राज्य के 765 सरकारी और 330 से अधिक संबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर 5 लाख रूपए तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

सभी परिवार आवश्यक रूप से कराएं पंजीयन

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि इस योजना का लाभ हर राजस्थान वासी तक पहुंचाने के लिए सभी परिवारों का पंजीयन आवश्यक है। इसके लिए पंजीयन की तिथि 30 अप्रेल से बढ़ाकर 31 मई कर दी गई है। लोगों से अपील है कि वे अपने परिवार का पंजीयन आवश्यक रूप से कराएं और अन्य लोगों को योजना की जानकारी देकर पंजीयन के लिए प्रेरित करें और इसमें सहयोग करें।

महामारी से बचाव के लिए हमेशा हुआ निःशुल्क टीकाकरण

मुख्यमंत्री ने राजस्थान में 18-45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को राज्य सरकार की ओर से निःशुल्क कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए कहा कि इतिहास रहा है कि महामारी से बचाव के लिए हमेशा टीकाकरण निःशुल्क किया गया है। भारत में सभी आयु वर्ग के लोगों को कोविड-19 टीकाकरण निःशुल्क किये जाने के लिए हमने केन्द्र सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से मांग रखी थी, लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा मांग नहीं माने जाने पर राज्य सरकार ने स्वयं 3 हजार करोड़ रूपए का वित्तीय भार वहन करते हुए 18-45 वर्ष के आयु वर्ग को भी निःशुल्क टीकाकरण की योजना बनाई है।

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