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रेमडेसिवीर कालाबाजारी: निजी हॉस्पिटल के 4 कर्मचारी गिरफ्तार, अब तक 3 हॉस्पिटल के डॉक्टर-नर्सिंगकर्मी सहित हो चुकी हैं 15 गिरफ्तारियां

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अब तक पकड़े गए आरोपी 150 से अधिक रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कर चुके हैं कालाबाजारी

उदयपुर,(ARLive news)। कोरोना के गंभीर मरीजों को दिए जाने वाले रेमडेसिवीर इंजेक्शन की उदयपुर के निजी अस्पतालों में धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रही है। सोमवार रात जिला पुलिस ने निजी हॉस्पिटल के 2 कर्मचारियों सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में नर्सिंग कर्मी वल्लभनगर निवासी दीपक पुत्र ओमप्रकाश, सलूंबर बोहरवाड़ी निवासी प्रवीण पुत्र राजेश, निजी काॅलेज का स्टूडेंट सीकर निवासी रतनलाल पुत्र छोटू और प्रतापगढ़ निवासी पंकज पुत्र कन्हैयालाल को गिरफ्तार किया है। कोरोना के गंभीर मरीजों के परिजनो को ये 26 से 30 हजार रूपए में इंजेक्शन बेच रहे थे। ये आरोपी अब तक रेमडेसिवीर इंजेक्शन की 25 डोज की हेराफेरी कर चुके हैं।

गत सप्ताह ही पुलिस गीतांजलि हॉस्पिटल के एक डॉक्टर, एक एमबीबीएस स्टूडेंट और उमरड़ा स्थित पेसिफिक हॉस्पिटल के 2 नर्सिंग स्टाफ सहित कुल 11 आरोपियों को हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड से इंजेक्शन चोरी करने और रेमडेसिवीर की कालाबाजारी करने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। अब एक और निजी हॉस्पिटल के 2 कर्मचारी सहित पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऐसे में उदयपुर पुलिस रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में अब तक 15 गिरफ्तारियां कर चुकी है और इनके द्वारा 150 से अधिक रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी होना सामने आया है।

कालाबाजारी में निजी हॉस्पिटल्स के कर्मचारियों की आपस में सांठ-गांठ

आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि ये हॉस्पिटल के कोरोना वार्ड में काम करते समय मरीजों को लगाने के लिए आए रेमडेसिवीर इंजेक्शन चोरी कर लेते थे और इन्हें मार्केट में महंगे दामों पर बेच देते थे। इसके अलावा जब हॉस्पिटल में कोरोना के गंभीर मरीज भर्ती होते और उनके परिजन रेमडेसिवीर इंजेक्शन के लिए भटक रहे होते थे, तो ये उनसे संपर्क करते। दूसरे निजी हॉस्पिटल के कर्मचारी से सांठ-गांठ कर वहां से इंजेक्शन चोरी करवाते और अपने हॉस्पिटल के परिजनों को 26 हजार से 30 हजार रूपए में बेच देते थे।

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