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कोरोना टीकाकरण: राजस्थान सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को “निशुल्क कोरोना वैक्सीन लगाने” का फैसला किया

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जयपुर,(ARLive news)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को निशुल्क वैक्सीन लगाए जाने की घोषणा की है। इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। वैक्सीन निर्माता कंपनियों को राज्य सरकार ने वैक्सीन के लिए ऑर्डर देना शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा है कि प्रदेश में 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के करीब 3 करोड़ 75 लाख व्यक्ति हैं। इन सभी व्यक्तियों को वैक्सीन की दो डोज लगाने के लिए राज्य सरकार करीब 3 हजार करोड़ रुपये व्यय करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन के काम को बखूबी किया है। यही वजह है कि देश के बड़े राज्यों में राजस्थान वैक्सीनेशन में प्रथम स्थान एवं सम्पूर्ण देश में दूसरे स्थान पर है। राजस्थान में निशुल्क दवा एवं जांच योजना के साथ तथा चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा जैसी निशुल्क इलाज की योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार ‘निरोगी राजस्थान’ के संकल्प के साथ राज्य को ‘जीरो कॉस्ट हेल्थ सिस्टम’ वाले प्रदेश के रूप में विकसित कर रही है।

केन्द्र सरकार ने निशुल्क वैक्सीन की मांग को स्वीकृति नहीं दी तो राज्य ने लिया निर्णय

मुख्यमंत्री ने बताया कि 22 अप्रेल, 2021 को उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि 60 वर्ष एवं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की तरह ही 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के युवाओं को भी निशुल्क कोविड वैक्सीन लगाई जाए। इसके लिए केन्द्र सरकार वैक्सीन कंपनियों से वैक्सीन खरीद कर राज्यों को वितरित करे, जिससे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय भार ना पड़े, लेकिन केन्द्र सरकार ने अभी तक इस मांग को स्वीकृति नहीं दी है।

राज्य और केन्द्र सरकार को एक ही रेट पर वैक्सीन देने की मांग की

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र के माध्यम से वैक्सीन कंपनियों द्वारा राज्य और केन्द्र सरकार को एक ही दर 150 रुपये प्रति डोज पर वैक्सीन उपलब्ध करवाने की मांग की है। गहलोत ने लिखा कि वैक्सीन कंपनियों द्वारा केन्द्र सरकार, राज्य सरकार एवं निजी अस्पतालों को अलग-अलग दर पर वैक्सीन उपलब्ध करवाई जा रही है। एक ही वैक्सीन की राज्य और केन्द्र से भिन्न-भिन्न कीमत लिया जाना न्यायोचित नहीं है। इसके लिए केन्द्र सरकार को निजी वैक्सीन कंपनियों से बात कर वैक्सीन की कीमत कम करवानी चाहिए।

गहलोत ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि वैक्सीन निर्माता कंपनियों द्वारा यूरोपीय संघ के देशों के साथ-साथ ब्रिटेन, ब्राजील, बांग्लादेश, अमेरिका, दक्षिणी अफ्रीका एवं सऊदी अरब आदि को वैक्सीन भारत से कम कीमत पर उपलब्ध करवाई जा रही है। कंपनियों द्वारा देश में वैक्सीन की अधिक कीमत वसूल करना तर्कसंगत भी प्रतीत नहीं होता है।

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