जयपुर,(ARLive news)। फोन टैपिंग मुद्दे पर राजस्थान की राजनीति गरमाई हुई है। इसको लेकर मंगलवार को विधानसभा में हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने सदन में वेल में आकर जमकर नारेबाजी की। इधर हंगामे के कारण स्पीकर को आधे-आधे घंटे के लिए तीन बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और विधायक कालीचरण सराफ ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए फोन टैपिंग का मामला उठाना चाहा, लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने इसकी मंजूरी नहींं दी। इस पर नाराज भाजपा विधायकों ने सदन में वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।
सरकार बताए किस-किसके फोन टैप करवाए: कटारिया
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकारी मुख्य सचेतक ने एक एफआईआर करवाई थी, उसका आधार फोन टैपिंग ही था। इससे यह तय हो गया कि सरकार की किसी एजेंसी ने फोन टैपिंग करवाई। सरकार को सदन में यह बताना चाहिए कि किस अधिकार से सरकार ने किन-किन लोगों के फोन टैप करवाए थे।

