उदयपुर/जोधपुर,(ARLive news)। जोधपुर हाईकोर्ट ने सोमवार को मुख्यमंत्री जन आवास योजना के लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा में आवास आवंटित नहीं होने के मामले में सुनवाई कर उदयपुर कलेक्टर और यूआईटी सचिव को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। हाईकोर्ट ने उदयपुर शहर की शोभा यादव, किरण सालवी, गुणमाला मीणा सहित 25 याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत याचिका पर आज सुनवाई की।
याचिकाकर्ताओं के वकील नरेन्द्र जोशी ने बताया की मुख्यमंत्री जन आवास योजना 2015 के अंतर्गत उदयपुर नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) ने आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग ईडब्ल्यूएस और अल्प आय वर्ग एलआईजी के लिए 1152 फ्लैट्स के आवंटन की लाॅटरी निकाली थी। आवेदकों ने नियमानुसार स्वयं द्वारा एवं वित्तीय संस्थाओं बैंको से ऋण स्वीकृत करवा फ्लैट की सम्पूर्ण राशि यूआईटी को जमा करवा दी थी। उक्त आवासीय योजना के कार्य शुरू करने की तारीख 5 मई 2016 और कार्य समाप्ति की तारीख 4 मई 2019 निर्धारित थी। किन्तु लम्बा समय गुजर जाने के बाद भी लाभार्थियों को फ्लैट्स की सुपुर्दगी नहीं की गई। आवेदकों ने पड़ताल की तो जानकारी मिली कि फ्लैट की सुपुर्दगी तो दूर, अभी तक कार्य भी पूरा नहीं हुआ है।
तीहरी मार झेल रहे फ्लैट्स के आवेदक
वकील नरेन्द्र जोशी ने बताया कि सम्पूर्ण याचिकाकर्ता इस कोरोना काल के विषम दौर में तिहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ तो प्रतिमाह उस लोन की मासिक किश्त चुका रहे हैं, जिस फ्लैट का उनको आज तारीख तक कब्जा ही नहीं मिल पाया, तो दूसरी तरफ किराए के मकान में निवास कर उसका किराया अदा कर रहे हैं। इसमें सबसे अहम बात यह है कि कोई भी आवेदक अपना फ्लैट अगले 10 साल तक बेच भी नहीं सकता है।
फ्लैट्स की सुपुर्दगी नहीं किये जाने से ब्याज, मासिक किराया और लोन की किश्त के रूप प्रत्येक आवेदक को कम से कम 2 से ढाई लाख का आर्थिक नुकसान हुआ है। याचिकाकर्ताओं ने राजस्थान उच्च न्यायालय से फ्लैट्स का कब्जा दिलाने और नगर विकास प्रन्यास से क्षतिपूर्ति की मांग की गयी है।

