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झालावाड़ में बर्ड फ्लू से सैकड़ों कौओं की मौत, 1 किलोमीटर क्षेत्र में लगा कर्फ्यू, उदयपुर संभाग में भी अलर्ट जारी

bird flu in jhalawar section 144 imposed in 1 km radiusbird flu in jhalawar section 144 imposed in 1 km radius

झालावाड़,(ARLive news)। राजस्थान में जोधपुर के बाद झालावाड़ में भी बर्ड फ्लू से बड़ी संख्या मेें कौओं की मौत हो गयी है। प्रशासन ने पक्षियों की मौत का कारण एवियन इन्फ्लूएंजा बताया है, जो एक प्रकार का बर्ड फ्लू है। इसकी पुष्टि के बाद बुधवार रात जिला प्रशासन ने सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र राड़ी के बालाजी क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर कर्फ्यू लगा दिया है।

बर्ड फ्लू से हो रही कौओं की मौत की खबर फैलते ही राज्य में पोल्ट्री फार्म का बिजनेस करने वालों में हड़कंप मचा है। बालाजी क्षेत्र में ही 25 दिसंबर से लगातार कौओं की मौत हो रही है। यहां 100 से ज्यादा कौओं की मौत हो चुकी है। जबकि बड़ी संख्या में कौए बीमार हैं।

उदयपुर संभाग में भी वन विभाग ने अलर्ट जारी कर सभी डीएफओ को दिशा-निर्देश दिए हैं। वन संरक्षक आरके जैन ने बताया कि संभाग के सभी डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं कि सभी वाटर बाॅडी और क्षेत्र में पक्षियों को लेकर माॅनीटरिंग की जाए। कहीं कोई पक्षी मृत पाया जाता है तो उसे ग्लब्स पहन कर ही हाथ लगाएं और वन विभाग मुख्यालय पर इसकी तत्काल सूचना दें, ताकि प्रोपर जांच करवाकर किसी समस्या की रोकथाम की जा सके।

सभी पोल्ट्री फार्म पर सैंपलिंग कर रही विशेषज्ञों की टीम

गुरुवार को कोटा से विशेषज्ञों की टीम झालावाड़ पहुंच गई है। यह टीम कौओं की जांच करेगी। फिलहालए कौओं में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होने के बाद शहर के सभी पोल्ट्री फार्म और इनसे जुड़ी दुकानों पर सैंपलिंग करवाई जा रही है। वहींए बालाजी क्षेत्र में स्थित पोल्ट्री और अंडों की दुकानों से बिक्री बंद करवा दी गई है।

बालाजी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को फिलहाल बाहर निकलने की मनाही है। प्रशासन ने इस क्षेत्र में राशन समेत अन्य सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की है। इसके लिए टीम बना दी गई है।

एवियन इन्फ्लूएंजा दूसरे पक्षियों में भी फैल सकता है

पशु चिकित्सक ने बताया कि एवियन इन्फ्लूएंजा एक तरह से बर्ड फ्लू होता है। यह वायरस जनित बीमारी हैए जो एक पक्षी से दूसरे पक्षी तक तेजी से फैलती है। इससे अधिकांश पक्षियों की मौत होती है। पक्षियों से यह बीमारी मनुष्यों में भी फैल सकती है।

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