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कोरोना की रोकथाम में उदयपुर में बनेंगे माइक्रो-कंटेनमेंट जोन, हर वार्ड में होंगे इंसीडेंट कमांडर: कलेक्टर

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उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर कलेक्टर चेतन देवड़ा की अध्यक्षता में अन्य अधिकारियों की सोमवार को समीक्षा बैठक हुई। कलक्टर ने जिले में कोरोना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और मरीजों को दिए जा रहे उपचार, उपचार के दौरान एवं बाद में की जा रही मॉनिटरिंग, कोरोना सेंपलिंग, हॉम आइसोलेशन, कोरोना जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों, इन्सीडेंट कमाण्डर द्वारा किए जा रहे कार्यों, एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्यवाही, सेनेटाइजेशन कार्य आदि की समीक्षा कर प्रयासों में और गंभीरता लाने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि लोगों को असुविधा न हो इसलिए जिले में कंटेनमेंट जोन के बजाए माइक्रो-कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे। जिस गली में 48 घण्टे में 15 से ज्यादा पॉजिटिव केस तथा 5 या ज्यादा घरों में पॉजिटिव मरीज पाये जाते है, तो उस गली में माईक्रोकन्टेन्मेंट जोन बनाया जायेगा। जिसमें मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित इन्सीडेंट कमाण्डर की होगी। माईक्रोकन्टेन्मेंट जोन में सेनेटाईजेशन का कार्य नियमित रूप से नगर निगम द्वारा कराया जायेगा साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था में विशेष रूप से ध्यान रखा जायेगा।

उदयपुर के हर वार्ड में लगेंगे इन्सीडेंट कमाण्डर

कलक्टर देवड़ा ने बैठक में निर्देश दिये कि उदयपुर शहर में 70 वार्ड पर 70 इन्सीडेंट कमाण्डर, प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक इन्सीडेंट कमाण्डर एवं अन्य नगरपालिका क्षेत्र में प्रति 5 वार्ड पर एक इन्सीडेंट कमाण्डर लगाया जाए और यह इंसीडेंट कमांडर पॉजिटिव मरीजों को घर पर ही रखने एवं कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की पालना करायेंगें।

एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्यवाही बढ़ाने के निर्देश

जिला कलक्टर ने एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्यवाही बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि जो मरीज होम आईसोलेशन गाईडलाईन की पालना नहीं करेगा एवं अन्य व्यक्ति जो कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करेंगे, ऐसे मामलों में सख्त कार्यवाही की जायेगी।

हर दिन होंगे 1500 लोगों के कोरोना टेस्ट

बैठक में चिकित्सा विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में प्रतिदिन औसतन 1200 सेंपलिंग की जा रही है। कलक्टर देवड़ा ने ऋषभदेव, खेरवाड़ा, मावली क्षेत्र में प्रतिदिन 100 सैंपल तथा अन्य खण्ड में प्रतिदिन 50 सैंपल न्यूनतम लेने के साथ ही जिले में न्यूनतम 1500 सैंपल प्रतिदिन लेने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि अस्पताल आने वाले सभी सिम्पटोमेटिक मरीज, ILI मरीज की सैंपलिंग अनिवार्य रूप से करने का कार्य सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी करेगें।

होम आईसोलशन टीम करेगी सैंपलिंग का कार्य भी

बैठक में कलक्टर देवड़ा ने कहा कि जो टीम कोरोना पॉजिटिव के घर दवाई देने, आईईसी करने, हैल्थ चेकअप करने जाती है, वही मेडिकल टीम परिवारजन, क्लोज कॉन्टेक्ट के सैंपल भी विभागीय गाइडलाइन के अनुसार लेगी। जिससे लोगों को इस कार्य हेतु घर से बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं रहे।

बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक कैलाश चन्द्र विश्नोई, जिला परिषद सीईओ डॉ. मंजू, एडीएम (प्रशासन) ओपी बुनकर, चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जुल्फीकार अहमद काजी, नगर निगम आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ, आरएनटी प्राचार्य डॉ. लाखन पोसवाल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राघवेन्द्र राय, डब्ल्यूएचओ से एसएमओ एनपीएसपी डॉ. अक्षय व्यास, आरआरटी के नोडल अधिकारी डॉ. मनु मोदी, नोडल ईएसआईसी एवं समस्त निजी चिकित्सा संस्थान के नोडल अधिकारी डॉ. अंशुल मठ्ठा, नोडल अधिकारी, सैंपलिंग डॉ. विकास कुल्हरी आदि मौजूद रहे।

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