मैं यहां मुख्यमंत्री बनकर नहीं, किसानों का सेवक बनकर आया हूं : केजरीवाल
नई दिल्ली,(ARLive news)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली सरकार के अन्य मंत्रियों ने सिंघु बॉर्डर के पास गुरु तेग बहादुर मेमोरियल में किसानों से मुलाकात की और उनके लिए की गई व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।
फरीदकोट के जिला प्रधान बिंदर सिंह गोले ने कहा, 9 तारीख को हमारे पक्ष में फैसला आए चाहें नहीं, अगर आता है तो बहुत अच्छा है और अगर नहीं आता है तो हम ये सोच के नहीं आए थे कि हम घर वापस चले जाएंगे। हम यहीं संघर्ष करते रहेंगे। जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।
हम किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं और कल भारत बंद को सफल बनाएंगे
केजरीवाल ने कहा, हम शुरू से किसान आंदोलन के साथ खड़े हैं। मैं किसानों की मांग से सहमत हूं। मुझे लगता है उनकी सभी मांग जायज है। सरकार को उनकी बात माननी चाहिए। मैं आज यहां मुख्यमंत्री बनकर नहीं आया। मैं यहां उनका सेवक बनकर आया हूं। मैंने यहां की व्यवस्था भी देखी है। कुछ पानी की दिक्कत है, उसे ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने भारत बंद पर कहा, हम भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं। आप के सभी कार्यकर्ता को इसमें शांतिपूर्वक शामिल रहना है। हम इस बंद को सफल बनाएंगे।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा जब किसान आंदोलन शुरू हुआ तो मुझे 9 स्टेडियम को जेल बनाने के लिए कहा गया। मगर हमने नहीं माना। मुझे कई फोन आए। बहुत दबाव भी था। मगर मैंने अपने जमीर की सुनी। मुझे लगता है कि उस फैसले के कारण किसान आंदोलन को मजबूती मिली है। केंद्र का प्लान था किसानों को जेल में डालने का। मगर मंजूरी नहीं मिलने से आंदोलन मजबूत हुआ है।

