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हिंदुस्तान जिंक के श्रमिकों ने की हड़ताल : खून में लेड की मात्रा मानकों से कहीं ज्यादा, वेतन और स्वास्थ्य संबंधी हैं मांगे

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25 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी

उदयपुर,(ARLive news)। हिंदुस्तान जिंक की जावरमाइंस स्थित खदान में बुधवार को श्रमिकों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की और कार्य बहिष्कार किया। श्रमिकों ने कहा अगर हमारी मांगों पर हिंदुस्तान जिंक प्रबंधन का सकारात्मक रूख नहीं रहता है, तो वे 25 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।

श्रमिकों के 14 सूत्रीय मांग पत्र में एक बिंदु में श्रमिकों ने खुलासा किया है कि लेड प्लांट पर काम करने वाले श्रमिकों के खून में लेड की मात्रा मानकों से कहीं ज्यादा पायी गयी है और इससे वे गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इसके अलावा भूमिगत खदानों में डीजल चलित मशीनों के धुएं से भी श्रमिकों स्वास्थ्य पर वितरीय प्रभाव पड़ रहा है।

जावरमाइंस मजदूर संघ और हिंदुस्तान जिंक वर्कर्स फेडरेशन (इंटक) के बैनर तले हिंदुस्तान जिंक की जवारमाइंस स्थित प्लांट्स और खदानों में कार्यरत श्रमिकों ने हड़ताल की। हड़ताल में स्थाई और संविदा दोनों प्रकार के श्रमिकों ने हिस्सा लिया। श्रमिकों ने 14 सूत्रीय मांगपत्र भी हिंदुस्तान जिंक प्रबंधन को सौंपा है।

खासबात है कि इसमें श्रमिकों की कुछ मांगें ऐसी हैं, जो हिंदुस्तान जिंक की श्रमिकों के स्वास्थ्य के प्रति बरती जा रही लापरवाही को उजागर कर रही हैं और श्रमिक गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे है।

ये हैं प्रमुख मांगें

: लेड प्लांट में कार्यरत श्रमिकों पर लेड का अत्यधिक दुष्प्रभाव पड़ रहा है। टेस्ट में कई श्रमिकों के ब्लड में मानक से कहीं ज्यादा अधिक लेड मिला है। इससे श्रमिक गंभीर बीमारियोें से ग्रसित हो रहे हैं। ऐसे में श्रमिकों के इलाज स्वास्थ्य बीमा और मुआवजा राशि का प्रबंध किया जाए। साथ ही लैड प्लांट में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के अनुसार तकनीकी परिवर्तन किए जाएं।

: भूमिगत खदानों में अत्यधिक डीजल चलित मशीनें कार्य कर रही हैं। इससे धुएं से श्रमिकों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। खदानों में डीजल चलित मशीनों की जगह विद्युत चलित मशीनें उपयोग ली जाएं।

: सभी मिल एवं प्लांट्स में हीट, डस्ट और गेस में कार्य करने से श्रमिकों के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। श्रमिकों के इलाज, स्वास्थ्य बीमा और मुआवजा राशि का प्रबंध हो और प्लांट में स्वास्थ्य और पर्यावरण के अनुसार तकनीकी परिवर्तन किए जाएं।

: कोरोना महामारी के कारण क्वारंटीन हुए स्थायी और संविदा श्रमिकों को क्वांरटीन समयावधि का पूर्ण वेतन दिया जाए।

: इसके अतिरिक्त श्रमिकों ने प्रमोशन, वेतन, विदेशी कर्मचारियों की जगह स्थानीय लोगों को रोजगार देने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने सहित अन्य मुद्दों से संबंधी मांगे हैं।

14 सूत्रिय मांग पत्र

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