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गुर्जर आरक्षण आंदोलन : कर्नल बैंसला ने 1 नवंबर से चक्का जाम की घोषणा की, आंदोलन से पहले पंच-पटेल सरकार से वार्ता करेंगे

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करौली,(ARLive news)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 3 बड़ी घोषणाओं के बावजूद गुर्जर नेता आंदोलन करने पर अड़े हुए हैं। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने 1 नवंबर सुबह 10 बजे से राजस्थान चक्का जाम करने की घोषणा कर दी। ऐसे में जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने अधिकारी-कर्मचारियों को बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा शुक्रवार रात से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाप्ता भी तैनात किया जाएगा।

कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने हिण्डौन के वर्धमान नगर स्थित आवास पर प्रेस वार्ता की। उन्होंने 1 नवंबर से पीलूपुरा सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही गुर्जर समाज से पीलूपुरा पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार पर गुर्जरों की मांग की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसके बाद नहरा क्षेत्र के पंच-पटेलों की बैठक हुई। बैठक में समाज के पंच-पटेलों ने मांगों को लेकर एक बार जयपुर जाकर सरकार से वार्ता करने का निर्णय किया।

पंच-पटेलों ने कहा कि अगर सरकार बिना आंदोलन के ही वार्ता में समाज की मांगों को मान लेती है तो ठीक है अन्यथा 1 नवम्बर से कर्नल बैंसला के नेतृत्व में भरतपुर के पीलूपुरा से ही आंदोलन का आगाज होगा। बैठक में ही पंच-पटेलों ने जयपुर जाने के लिए 41 सदस्यीय कमेटी भी गठित कर ली तथा जयपुर जाने की तैयारी शुरू कर दी।

पुलिस हेड क्वाटर ने शुरू की तैयारियां, 23 आरएएस अधिकारियों की लगाई ड्यूटी, जयपुर ग्रामीण में कल शाम से इंटरनेट सेवा बंद

गुर्जर आरक्षण आंदोलन को देखते हुए सरकार ने 23 आरएएस अधिकारियों को फील्ड में भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर ग्रामीण में भी कल से दो दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की जाएगी। जयपुर जिले के तहसील क्षेत्र कोटपूतली, पावटा, शाहपुरा, विराट नगर, जमवारामनगर की राजस्व सीमा में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु इंटरनेट सेवा को 30 अक्टूबर से 1 नवम्बर की मध्य रात्रि तक बंद करने के आदेश जारी किये गए हैं।

गुर्जर आंदोलन को लेकर पुलिस हेड क्वाटर ने तैयारियां शुरू कर दी। जैसलमेर, बाड़मेर और गंगानगर बॉर्डर की हथियारबंद 30 कंपनियां मोर्चा संभालेंगी। पुलिस मुख्यालय ने 7 बॉर्डर होमगार्ड कंपनी मंगवाई। भारत सरकार से रैपिड एक्शन फोर्स की 2 कंपनियां, 8 कंपनी सीआरपीएफ की मांगी। साथ ही 8 कंपनी आरएसी और 4 कंपनी एसटीएफ की तैनात रहेंगी। इसके अलावा आस पास के जिलों में उपलब्ध आरएसी कंपनी भी तैनात रहेंगी। 8 एडिशनल एसपी, आधा दर्जन डिप्टी एसपी व कई इंस्पेक्टर भी आंदोलन स्थल पर भेजे गए।

सरकार की तीन बड़ी घोषणाएं फिर भी आंदोलन पर अड़े गुर्जर नेता

1 : गुर्जर आन्दोलन के दौरान घायल हुए व्यक्तियों में से कैलाश गुर्जर, मानसिंह गुर्जर एवं बद्री गुर्जर की कुछ वर्षों बाद मृत्यु हो गई थी। इनके परिवार को सामाजिक स्तर पर सहायता जुटाकर युवा एवं खेल मामलात राज्यमंत्री अशोक चांदना द्वारा 5 लाख रुपए प्रत्येक परिवार को सहायता के रूप में दिए जाएंगे।

2 : अति पिछड़ा वर्ग के जिन 12.2 अभ्यर्थियों का परिवीक्षाकाल पूर्ण हो चुका है, उन सभी अभ्यर्थियों को राज्य सरकार द्वारा परिवीक्षावधि पूर्ण होने पर रेगुलर पे स्केल दी जाएगी।

3 : राज्य सरकार (कार्मिक विभाग) द्वारा अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण से संबंधित प्रावधान को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए पूर्व में भारत सरकार को 22 फरवरी 2019 एवं 21 अक्टूबर 2020 को लिखा गया है। इसके लिए पुनः भारत सरकार को उक्त आरक्षण प्रावधान को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा तत्काल लिखा जाएगा।

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