गिरोह का मुखिया, वारदात का मास्टर माइंड सहित 7 आरोपी गिरफ्तार
शाॅर्ट-कट से आर्थिक फायदा लेने के लालच में मुंबई के आईसक्रीम-डेयरी लारी संचालक हुए वारदात में शामिल
उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर जिले के कानोड़ स्थित घर में गत सप्ताह बुजुर्ग को बंधक बनाकर हुई करीब डेढ़ करोड़ की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। वारदात को मद्रास और मुंबई की अन्ना गैंग के बदमाश और स्थानीय बदमाशों ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने गिरोह के 7 बदमाशों को पकड़ कर लूटा गए डेढ़ किलो सोने के आभूषण, 109 किलो चांदी के आभूषण और बर्तन व 1 लाख 70 हजार रूपए बरामद कर लिए हैं।
एसपी कैलाश चन्द्र विश्नोई ने बताया कि 1. मद्रास की अन्ना गैंग के मुखिया तमिलनाडू हाल अंबेडकर नगर वेस्ट मुंबई निवासी शक्तिवेल कुमार (46) पुत्र तंगराज नाडर, 2. वारदात का मास्टर माइंड धोलीमगरी घासा निवासी सुरेश डांगी (38) पुत्र देवाजी, 3. अन्य साथी डूंगला चित्तौड़गढ़ निवासी शांतिसिंह उर्फ शांतिलाल (24) पुत्र खेम सिंह मीणा, 4. सतीश सिंह उर्फ नाना (27) पुत्र जेता मीणा, 5. उदयपुर के रामा भागल कैलाशपुरी सुखेर निवासी रोहित उर्फ हीरालाल (29) पुत्र धन्ना डांगी, 6. किशनलाल उर्फ सुखलाल (33) पुत्र केशाजी डांगी, 7. राजसमंद के केलवा निवासी श्रवण सिंह उर्फ करण 26 पुत्र मोहब्बत सिंह राव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरोह का मुखिया शक्ति वेल और वारदात का मास्टरमाइंड सुरेश डांगी के खिलाफ मुंबई के दादर थाना क्षेत्र में 2013 में 5 करोड़ की बड़ी डकैती करने का मामला दर्ज है। इन दोनों ने तब भी मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा शक्ति वेल के खिलाफ मुंबई के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नकबजनी और डकैती के अन्य वारदातों के मामले भी दर्ज हैं
बुजुर्ग के घर में घुसकर वारदात को अंजाम देने में शक्तिवेल के अन्य साथी पनवेल मुंबई निवासी राजेश उर्फ राजू मराठा, तमिलनाडू हाल मुंबई निवासी मोहन और अप्पा मद्रासी की तलाश जारी है।
10 बदमाशों ने 3 टीमें बनाकर दिया वारदात को अंजाम
बदमाशों ने वारदात से करीब 4 महीने पहले ही इसकी योजना बना अगस्त में यहां आकर रैकी कर ली थी। मद्रास की गैंग और स्थानीय गैंग के कुल 10 बदमाशों ने 3 टीमें बनाई थीं। इसकी शुरूआत रोहित और सुरेश से हुई थी। रोहित, सुरेश, श्रवण उदयपुर संभाग के रहने वाले हैं और मुंबई में आईसक्रीम-डेयरी संचालक हैं। इस कारण रोहित की सुरेश और श्रवण से जान-पहचान हुई। 4 महीने पहले सुरेश ने रोहित से कहा कि उसका बड़ी गैंग से संपर्क है, बड़ी वारदात कर अच्छा फायदा हो सकता है। कहीं बड़ी लूट हो सकती है तो बताए। इसके बाद रोहित ने उदयपुर आकर शांतिलाल से मुलाकात की और वारदात के बारे में पूछा। शांतिलाल ने कानोड़ के सोहन लाल की जानकारी दी और कहा कि इसके यहां लूट में बड़ा माल मिल सकता है।
शांतिलाल से मिली जानकारी रोहित ने सुरेश डांगी तक पहुंचाई। सुरेश ने मद्रास की अन्ना गैंग से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी। अन्ना गैंग के शक्तिवेल के साथ अन्य 3 बदमाश अगस्त में कानोड़ आए और यहां रैकी की। उस वक्त भागने का मुफीद इंतजाम नहीं होने से वारदात नहीं की। इस बार बदमाश 11 अक्टूबर को दोबारा उदयपुर आए। सभी मुफीद इंतजाम होने पर वारदात को अंजाम दिया और पहले गुजरात और वहां से मुंबई फरार हो गए।
बंटवारा के लिए मिले और पकड़े गए
मास्टर माइंड सुरेश ने वलसाड में एक कमरा लिया हुआ है। वारदात के बाद सभी लोग वलसाड में बंटवारे के लिए मिले। इधर उदयपुर पुलिस की टीमें आरोपियों की वलसाड़, सूरत, मुंबई के पनवेल, धारावी, अंधेरी क्षेत्र में लगातार तलाश कर रही थीं। पुलिस को मिले अहम सुराग पर टीम ने वलसाड में सुरेश के कमरे पर दबिश दी और वहां से शक्तिवेल और सुरेश डांगी को गिरफ्तार कर लूटे गए आभूषण और नगदी बरामद की। पुलिस की दूसरी टीम ने आरोपियों के नाम मिलते ही स्थानीय क्षेत्रों में दबिश देकर स्थानीय बदमाशों को पकड़ा और उनसे भी लूट का कुछ सामान बरामद किया।
वारदात के खुलासे में इनका रहा विशेष योगदान
थानाधिकारी हनुवंत सिंह राजपुरोहित, भरत योगी, देवेन्द्र सिंह, तेज सिंह सांदू, डीएसटी टीम प्रभारी योगेश चैहान, साइबर सेल के गजराज सिंह व लोकेश रायकवाल सहित हेडकांस्टेबल देवेन्द्र सिंह, विक्रम सिंह, सुखदेव, कांस्टेबल शीशराम, रामजीलाल, कुलदीप सिंह, मनमोहन, तपेन्द्र, अनिल, प्रहलाद, पवन, अनिल, सुनील, हिम्मत सिंह, भैरूलाल और राजेश की संयुक्त टीम का विशेष योगदान रहा है।

