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डूंगरपुर उपद्रव : वनवासी कल्याण परिषद ने की सीबीआई से जांच की मांग

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राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संभागीय आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

उदयपुर,(ARLive news)। राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद ने पिछले दिनों डूंगरपुर के कांकरी डूंगरी से शुरू हुए उपद्रव के अन्य जिलों तक फैलने के घटनाक्रम की सीबीआई जांच की मांग की है। परिषद के प्रतिनिधिमण्डल ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्त के माध्यम से राज्यपाल व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर घटनाक्रम की वस्तुस्थिति की जानकारी दी और संभाग में जनजाति क्षेत्रों में ‘मिशन ऑफ जोहार’ के नाम से चल रही सामाजिक वैमनस्यता फैलाने वाली गतिविधियों से भी अवगत कराया।

परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र खराड़ी व महामंत्री गोपाल लाल कुमावत ने ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कांग्रेस के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रघुवीर सिंह मीणा (सदस्य, सीडब्ल्यूसी) एवं डूंगरपुर के विधायक गणेश घोघरा ने इस घटना में झारखण्ड, छत्तीसगढ़, गुजरात जैसे राज्यों से आये हुए बाहरी लोगों की भूमिका को स्पष्टता से रेखांकित किया है। भारतीय जनता पार्टी के मदन दिलावर के नेतृत्व में आये जांच दल ने भी इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

बबिता कश्यप के लिए इस क्षेत्र में चला था सोशल मीडिया आंदोलन

अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें गुजरात राज्य से आये हुए लोगों ने इस आंदोलन को भडक़ाया। लगभग 2 माह पूर्व अहमदाबाद, गुजरात में नक्सलवादी व माओवादी साहित्य के साथ झारखण्ड की विघटनकारी कार्यकर्ता बबीता कश्यप की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान के इस जनजाति क्षेत्र में सोशल मीडिया पर ‘रीलीज बबिता कश्यप, वी स्टैंड विथ बबीता कश्यप एवं बेलोसा बबीता कश्यप को रिहा करो’ के स्लोगन के साथ अभियान चलाया गया था।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की खुफिया रिपोट्र्स में इस घटना के सूत्र झारखण्ड व छत्तीसगढ़ राज्य में चल रहे पत्थलगढ़ी आंदोलन चलाने वाली विजय कुंजूर, बबीता कश्यप आदि से सक्रिय रूप से जुड़े हैं। इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में इन सभी के अतिरिक्त ‘मिशन ऑफ जोहार’ के तहत 58 बाइक राइडर्स के दलों की भूमिका भी है जो घटना स्थल पर अचानक पहुंचे थे।

इस सारे उपद्रव के कारण अनेकों युवकों की गिरफ्तारी होने के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना है। परिषद ने राज्य सरकार प्रशासन से मांग की है कि दोषी लोगों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए निर्दोष लोगों को नहीं फंसाया जाये ताकि जनजाति समाज निर्भीक होकर अपनी संस्कृति, परम्पराओं को अक्षुण रखते हुए सम्पूर्ण समाज के साथ शान्तिपूर्वक रह सकें।

ज्ञापन देने वालों में प्रदेश मंत्री रामलाल परमार, सुन्दरलाल कटारिया, प्रदेश संगठन मंत्री विजय कुमार, प्रदेश जनजाति सम्पर्क प्रमुख धनेश्वर ननोमा, डूंगरपुर विभाग संगठन मंत्री लालुराम कटारा आदि मौजूद थे।

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