वन भूमि अधिकार पत्र देने के लिए आदिवासियों से हो रही अवैध वसूली का हुआ खुलासा
उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गुरूवार को कोटड़ा के मामेर रेंज के महाड़ी वन नाका के सहायक वनपाल वरदी चंद पुत्र रवजी मीणा को 5600 रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी दो परिवादियों से यह राशि वन अधिकार पट्टा की जीपीएस रिपोर्ट बनाने के नाम पर ले रहा था।
एसीबी की इस कार्यवाही से वन भूमि अधिकार पत्र देने के लिए आदिवासियों से चल रही अवैध वसूली का खुलासा भी किया है। किस तरह आदिवासियों कोे उस जमीन का अधिकार पत्र लेने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों घूस देनी पड़ रही है, जिस पर वे और उनके पुरखे बरसों से काबिज हैं।
निशुल्क काम के वसूले जा रहे हैं 4000 रूपए
एसीबी एडिएसपी सुधीर जोशी ने बताया कि मोडीवासा खेरवाड़ा निवासी सहायक वन पाल वरदी चंद पुत्र रवजी मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोटड़ा के मामेर रेंज के महाड़ी वन नाका पर सहायक वन पाल है। इसके खिलाफ महाड़ी निवासी वदा पुत्र अरजण और गुला पुत्र चंदूरा ने रिश्वत मांगे जाने की एसीबी में शिकायत की थी।
शिकायत के अनुसार परिवादी का महाड़ी वन क्षेत्र में 2005 से पहले का कब्जा है। वह परिवार के साथ वहां रहता आया है। सरकारी नियमानुसार उसने वन भूमि अधिकार पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। इसमें सहायक वन पाल को मौका रिपोर्ट जीपीएस बनानी थी। जीपीएस रिपोर्ट के कारण पत्रावली पंचायत कार्यालय में पेंडिंग पड़ी थी। जीपीएस के लिए परिवादी सहायक वनपाल वरदी चंद से मिले। वरदी चंद ने जीपीएस बनवाने के लिए एक दावे का 4000 रूपए के अनुसार दो दावे के 8000 रूपए मांगे। कहा 4000-4000 रूपए की रसीद कटेगी, इसके बाद ही जीपीएस रिपोर्ट तैयार होगी।
बिना रसीद कटवाए नहीं बनेगी जीपीएस रिपोर्ट
जब परिवादियों ने कहा कि जीपीएस के लिए तो कोई रसीद नहीं कटती, यह तो निशुल्क है तो सहायक वनपाल ने कहा बिना रसीद कटाए जीपीएस रिपोर्ट तैयार नहीं होगी।
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तो आरोपी वरदी चंद के रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। परिवादियों के काफी निवेदन करने पर वह एक दावे का 2800 रूपए के अनुसार कुल 5600 रूपए लेकर जीपीएस रिपोर्ट बनाने के लिए तैयार हो गया। आज एसीबी की टीम ने सहायक वनपाल वरदी चंद को वन नाका महाड़ी पर ही दोनों परिवादियों से 5600 रूपए रिश्वत लेने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
ट्रेप कार्यवाही एसीबी इंस्पेक्टर लक्ष्मण डांगी, कांस्टेबल जितेन्द्र सनाढ्य, करण सिंह, विकास नागदा, भरत सिंह, टीका राम और महिला कांस्टेबल बिंदू की टीम ने की।

