उदयपुर (ARLive news)। डूंगरपुर से शुरू हुए आंदोलन ने हिंसक रूप लेकर चौथे दिन भी खत्म होने का नाम नहीं लिया। डूंगरपुर उपद्रवियों ने शनिवार को खेरबाङा में उपद्रव मचाया, और रविवार को इन उपद्रवियों ने उदयपुर के ऋषभदेव को निशाना बनाया।
घरों में मौजूद महिलाओं से की अभद्रता
डूंगरपुर के बाद उदयपुर के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में भी इन उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया गया है। उदयपुर के ऋषभदेव में उपद्रवी बाजारों और स्थानीय लोगों के घरों में घुस गये। जिसके बाद उन्होंने घरों में तोड़फोड़ की, घरों के कांच तोड़े, वाहन आदि नष्ट किए, यहां तक कि घरों में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्रता की।
पुलिस ने रबड़ बुलेट और आंसू गैस के गोले छोड़े
कस्बे के चारों पहाड़ियों पर सैकड़ों आदिवासी जमा हुए। उपद्रवियों ने ऋषभदेव की पहाड़ियों पर चढकर पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद ऋषभदेव में पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया है। साथ ही प्रदर्शनकारियों पर रबड़ बुलेट और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। साथ ही कस्बे के सैकड़ों लोगों ने लाठी-भाटों से उपद्रवियों को प्रत्युत्तर दिया।
हांलाकि मामले को सुलझाने के लिए क्षेत्र के सभी विधायक, जयपुर से पुलिस ऑफिसर्स की टीम यहां मौजूद है। लगातार वार्ता चल रही है। लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। इन उपद्रवियों का विरोध किस बात को लेकर है, अभी इसकी स्थिति साफ नहीं हुई है, क्योंकि अभ्यर्थियों का कहना है कि वे इस उपद्रव में शामिल नहीं हैं।
वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कि बाहर से आए कुछ लोगों द्वारा यहां के स्थानीय आदिवासी लोगों को भङका कर और बरगला कर उनके सहयोग से यहां उपद्रव मचाया जा रहा है।
