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लाइब्रेरियन ग्रेड-3 परीक्षा: फर्जी अभ्यर्थी गिरोह पकड़ा, उदयपुर में 2, भरतपुर में 2 और जोधपुर में 1 गिरफ्तार

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किसी अन्य अभ्यर्थी की एवज में परीक्षा देने पर 2.50 लाख रूपए मिलते फर्जी अभ्यर्थी को

जयपुर,(ARLive news)। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शनिवार को राज्य के विभिन्न जिलों में हुई लाइब्रेरियन ग्रेड-3 प्रतियोगी परीक्षा में बैठे फर्जी अभ्यर्थी गिरोह का खुलासा किया है। उदयपुर में सवीना थाना पुलिस की मदद से पुलिस ने जवाहर जैन शिक्षण संस्थान परीक्षा सेंटर से 1 फर्जी अभ्यर्थी और 1 उसका साथी पकड़ा है। इसी प्रकार एसओजी ने भरतपुर से 2 और जोधपुर से 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। परीक्षा देने वाले फर्जी अभ्यर्थी को गिरोह सरगना से ढाई लाख रूपए परीक्षा देने के मिलने तय हुए

उदयपुर एसओजी एडि.एसपी हिम्मत सिंह ने बताया कि उदयपुर में फर्जी अभ्यर्थी गिरोह के धोरीमन्ना, बाड़मेर निवासी कमलेश पुत्र गंगाराम विश्नोई और इसका साथी कमलेश पुत्र बाबूलाल विश्नोई को गिरफ्तार कर एसओजी मुख्यालय को सूचित किया है।

मुखबीर की सूचना थी कि उदयपुर में सेक्टर-11 स्थित जवाहर जैन शिक्षण संस्थान लाइब्रेरियन ग्रेड-3 प्रतियोगी परीक्षा का सेंटर है। यहां कमलेश विश्नोई नाम का व्यक्ति फर्जी अभ्यर्थी है। इस पर सवीना थानाधिकारी संजीव स्वामी के साथ परीक्षा सेंटर पर दबिश दी। वहां कमलेश पुत्र गंगाराम विश्नोई परीक्षा देते हुए मिल गया। पहचान पत्र की जांच करने से पता चला कि वह बांसवाड़ा निवासी बहादुर सिंह की जगह परीक्षा दे रहा था। फर्जी अभ्यर्थी कमलेश का साथी कमलेश पुत्र बाबूलाल उसकी मदद के लिए सेंटर के बाहर खड़ा था, उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बहादुर सिंह की तलाश की जा रही है।

उदयपुर में पकड़े जाने के तत्काल बाद जोधपुर, भरतपुर में पकड़े

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि असली अभ्यर्थियों से इनकी मुलाकात जयपुर में हुई थी। कमलेश ने बताया कि गिरोह का सरगना पाली निवासी दिनेश सियाग पुत्र नाथूलाल है। उसी ने मुझे उदयपुर भेजा, अशोक खिलेरी को भरतपुर किसी अन्य परीक्षा की जगह परीक्षा देने भेजा और अशोक की मदद के लिए श्रवण ढाका साथ गया है। इसी तरह जोधपुर में अन्य अभ्यर्थी की जगह बाड़मेर निवासी अशोक चौधरी को भेजा है।

इस पर एसओजी ने तत्काल मुख्यालय सूचना दी और टीमों ने दबिश देकर परीक्षा केन्द्रों से फर्जी अभ्यर्थियों और उनकी मदद के लिए आए साथी को गिरफ्तार कर लिया है। कमलेश ने बताया परीक्षा देने की एवज में उसे 2.50 रूपए मिलने वाले थे।

उदयपुर में हुई कार्यवाही में सओजी एडिएसपी हिम्मत सिंह, सवीना थानाधिकारी संजीव स्वामी, हेडकांस्टेबल सुनील विश्नोई, सोहनलाल, वसनाराम, एसओजी हेडकांस्टेबल
धमेन्द्र सिंह, कांस्टेबल प्रदीप सिंह, राजकुमार सिंह और नारायण सिंह गुर्जर की टीम ने की है।

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