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जया बच्चन के “थाली” वाले बयान पर बोले मुकेश खन्ना- इंडस्ट्री किसी के बाप की नहीं है…

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मुंबई,(ARLive news)। ड्रग्स मामले को लेकर फिल्म जगत में कई स्टार ही आमने-सामने आ गए हैं और एक-दसरे पर बयानबाजी कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की सदस्य और अभिनेत्री जया बच्चन के राज्यसभा में दिए बयान के बाद टीवी के ‘शक्तिमान’ और ‘महाभारत’ के भीष्म पितामाह यानी मुकेश खन्ना ने उनके बयान पर नाराजगी जाहिर की है। जया प्रदा ने भी जया बच्चन के बयान पर नाराजगी जताई है।

मुकेश खन्ना ने कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि इंडस्ट्री में आप काम करते हैं, आप वहां कमियां नहीं गिनाएंगे, ऐसा नहीं होता है। और यहां हमें किसी ने खाना नहीं दिया हमने इसके लिए मेहनत की है’। जया बच्चन के बयान का विरोध करते हुए उन्होंने कहा दो टूक कहा कि उन्होंने किसी को थाली में खाना नहीं परोसा है। इंडस्ट्री किसी के बाप की नहीं है, यहां काम करने वाला हर शख्स मेहनत करता है।

खन्ना ने कहा कि इंडस्ट्री सालों से चली आ रही है। अब इसमें नेपोटिज़्म बढ़ गया है, ग्रुपिज़्म बढ़ गया है। इस पर अगर रवि किशन ड्रग का मामला उठाते हैं और आप (जया बच्चन) पलटकर ये कहती हैं, ‘जिस थाली में खाते हो उसमें छेद करते हो। ये बयान हास्यास्पद है। उनका कहना है कि नियम तोड़ने वालों पर जनता की नजर है। कोई इंडस्‍ट्री को ‘गटर’ नहीं बता रहा, सिर्फ जांच की मांग हो रही है। इसलिए जया बच्‍चन को शोर मचाने की बजाय शांत बैठना चाहिए और जांच के निर्देश का इंतजार करना चाहिए।

कंगना ने जया बच्चन से पूछा क्या सुशांत की जगह अभिषेक उत्पीड़न का शिकार होता तो भी आप यही कहतीं

इससे पहले जया बच्चन के राज्यसभा में दिए बयान के बाद अभिनेत्री कंगना रनौत ने ट्वीट कर उन पर निशाना साधा था। कंगना रनौत ने ट्वीट किया था कि जया जी अगर मेरी जगह आपकी बेटी होती, क्या तब भी आप यही कहतीं। कंगना ने पूछा कि अगर श्वेता नशे और छेड़छाड़ के खिलाफ बोलती, क्या तब भी जया का यही जवाब होता। अगर अभिषेक लगातार बदमाशी और उत्पीड़न का शिकार होता है और एक दिन फंदे पर झूलता मिलता, तब भी क्या जया जी आप यही सब बोलतीं। कंगना ने लिखा जया जी हमारे लिए भी अपना कुछ कर्त्तव्य निभाओ।

बता दें कि राज्यसभा में जया बच्चन ने रवि किशन पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में किसी भी संकट के दौरान सहायता में कभी पीछे नहीं रहने वाला यह उद्योग सराहना का हकदार है। उन्होंने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि दुख की बात यह है कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करते हैं। जया ने कहा कि केवल कुछ लोगों की वजह से आज मनोरंजन उद्योग आलोचना का शिकार हो रहा है, जो हर दिन करीब पांच लाख लोगों को प्रत्यक्ष और करीब 50 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देता है।

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