उदयपुर,(ARLive News)। उदयपुर के बेड़वास स्थित जीबीएच हॉस्पिटल में भर्ती मरीज की शुक्रवार सुबह मौत के बाद डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने काफी देर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने डॉक्टर पर ऑपरेशन और उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सूचना पर थानाधिकारी मय जाब्ता पहुंचे।
काफी समझाइश के बाद परिजन हॉस्पिटल से लौटे। प्रतापनगर थाने में जीबीएच हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉक्टर शिवराज सिंह के खिलाफ उपचार में लापरवाही बरतना, जिससे मरीज की मौत होने के आरोप में आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज कराया है।
थानाधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि बेड़वास निवासी मोहन सिंह देवड़ा (42) पुत्र देवी सिंह की आज मौत हो गयी है। मोहन सिंह के परिजनों ने जीबीएच हॉस्पिटल के डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अग्रिम अनुसंधान जारी है।
चार दिन में दो बार ऑपरेशन किया, फिर बिना पेशाब नली निकाले डिस्चार्ज कर दिया
मृतक मोहन सिंह के भाई मिट्ठू सिंह देवड़ा ने बताया कि बड़े भाईसाहब मोहन सिंह को आंतों में कोई समस्या थी। इस पर हमने बेड़वास स्थित जीबीएच हॉस्पिटल दिखाया। वहां डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए कहा। मोहन सिंह को अस्पताल में भर्ती किया और डॉक्टर शिवराज सिंह ने 26 अगस्त को ऑपरेशन किया।
मिट्ठू सिंह देवड़ा ने बताया भाईसाहब मोहन सिंह का ऑपरेशन के बाद पेट फूलने लगा तो डॉक्टर ने कहा कि एक और ऑपरेशन करना पड़ेगा। पहले ऑपरेशन के चार दिन बाद डॉक्टर शिवराज सिंह ने 1 सितंबर को उनका दूसरी बार फिर ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के न तो टांके खुले थे, ना ही पेशाब की नली भी नहीं निकाली थी और डॉक्टर से 7 सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा इन्हें अब घर ले जाओ। 7 सितंबर को घर लाने के बाद डॉक्टर को दो-तीन बार दिखाने आए, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले और न ही सुनी। आज 18 सितंबर को जब ज्यादा तबियत बिगड़ी तो परिजन उन्हें वापस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी। मिट्ठू सिंह ने कहा भाईसाहब की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है। अन्यथा वे ठीक हो जाते।

