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एक्सिस बैंक के बाहर हत्या-लूट का प्रयास केस: फ्लिपकार्ट कर्मचारी ही निकले हत्यारे, इसी के 30 लाख जमा करने बैंक आया था सेल्समैन

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उदयपुर,(ARLive news)। शहर के व्यवस्तत इलाके सहेली मार्ग पर एक्सिस बैंक के बाहर 30 लाख रूपए लूट के लिए हुई सेल्समैन अमित सिंह की हत्या मामले में हत्यारे उसके सहकर्मी ही निकले। दो आरोपी दिनेश मेघवाल और प्रशांत सूद फ्लिप कार्ट कंपनी में ही काम करते थे, जिसके कैश कलेक्शन-बैंक में जमा करवाने का काम अमित करता था। आरोपी बहाना बनाकर पिछले 2-3 सप्ताह से काम पर नहीं जा रहे थे। इन दोनों को पता था कि अमित रविवार के बाद काफी नगद राशि लेकर बैंक जमा करवाने जाता है। ऐसे में दोनों ने एक अन्य तीसरे साथी नवीन के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।

एसपी कैलाश चन्द्र विश्नोई ने बताया कि लूट के प्रयास और हत्या के आरोप में शहर के यूनिवर्सिटी रोड स्थित नागदा रेस्टोरेंट वाली गली निवासी दिनेश उर्फ पिक्की 24 पुत्र गणेष लाल मेघवाल, रोशन टेंट हाउस के पास कालका माता रोड निवासी नवीन उर्फ नानू नाथ 22 पुत्र रोशन नाथ और गणेश घाटी पुरोहित जी की हवेली निवासी प्रशांत सिंह 29 पुत्र प्रदीप सूद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कंपनी ने बिना सुरक्षा इतनी बड़ी रकम लेकर अमित को भेज दिया था बैंक

मृतक अंबाघाटी तीतरड़ी निवासी अमित सिंह सांखला एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था, जो कंपनी विभिन्न कंपनियों के लिए कैश कलेक्शन और उसे बैंक में जमा करवाने का काम करती है। अमित अपनी कंपनी की ओर से फ्लिप कार्ट के 30 लाख रूपए बैंक में जमा करवाने के लिए सवीना स्थित फ्लिप कार्ट के कार्यालय से निकला था। अमित जिस कंपनी में काम करता था उसकी गलती रही कि कंपनी ने बिना सुरक्षा इतनी बड़ी रकम लेकर अमित को बैंक भेज दिया था।

इसी फ्लिप कार्ट कंपनी में आरोपी दिनेश और प्रशांत भी काम करते थे। इन्हें जानकारी थी कि अमित बड़ी मात्रा में कैश लेकर बैंक आता जाता है। ऐसे में इन्होंने नवीन के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। 3-4 सप्ताह ऑफिस में बहाना बनाकर नहीं काम पर नहीं गए और अमित की रैकी करने लगे। 3-4 सप्ताह में आरोपियों ने अमित के कार्यालय से बैंक तक के जाने का रास्ता देख लिया।

बैंक के बाहर ज्यादा भीड़ देखकर 2-3 बार तो लौट गए आरोपी

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि रैकी के बाद उन्होंने 2-3 बार लूट की योजना बनाई। अमित का पीछा करते-करते हर बार बैंक तक पहुंचे भी, लेकिन हर बार बैंक के बाहर ज्यादा भीड़ देखकर वारदात को अंजाम दिए बगैर ही वहां से निकल जाते थे। शनिवार को जब अमित जब 30 लाख रूपए लेकर कार्यालय से निकाल तो आरोपियों ने कुछ दूरी बनाकर पीछा करना चालू कर दिया। आरोपियों बैग में चाकू रखे।

जैसे ही अमित बैंक के पास पहुंचा और गाड़ी रोकी। आरोपी नवीन बाइक लेकर खड़ा रहा और दिनेश और प्रशांत ने बाइक से उतरकर बैग छीनने का प्रयास किया और इसके लिए अमित के चाकू मार दिया। जब लहुलुहान हालत में बैग लेकर बैंक के अंदर की तरफ भागा तो तीनों बदमाश भीड़ आता देख फरार हो गए।

वारदात के खुलासे में एडिएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा के नेतृत्व में स्पेषल टास्क फोर्स की टीम का मुख्य योगदान रहा है। इन्होंने मृतक के कार्यालय से लेकर बैंक तक के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे खंगाले और फुटेज, तकनीकी संसाधनों, सहकर्मियों से पूछताछ के जरिए आरोपियों तक पहुंच गए।

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