उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर में इन दिनों झीलों को बर्बाद करने में लगे माफिया के हौंसले इतने बुलंद हैं कि अब इन्हें कोई रोके-टोके तो ये सीधे जान से मारने की धमकी देते हैं। ऐसा ही उदयपुर में पिछले 35 सालों से झीलों के संरक्षण में लगे झील विकास प्राधीकरण के सदस्य तेज शंकर पालीवाल के साथ हुआ है।
तेज शंकर पालीवाल ने अंबामाता थाने में रिपोर्ट भी दी है और बताया है कि आरोपी आस-पास के ही रहने वाले हैं, वे उन्हें पहचानते हैं। लेकिन इसके बावजूद अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वह सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों को चिह्नित कर रही है।
पीछोला झील में चट्टाने तोड़ने से मना कर अधिकारियों को सूचित किया था
झील विकास प्राधीकरण के सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने बताया कि गत दिनों ब्रह्मपोल दरवाजे के पास नगर निगम के ठेकेदार के मजदूर पीछोला झील में डीसिल्टिंग का काम कर रहे थे। लेकिन वहां ठेकेदार के लोग डीसिल्टिंग के बहाने ब्रह्मपोल दरवाजे के पास झील में चट्टाने तोड़ रहे थे। इस पर मैंने उन लोगों को रोका और अधिकारियों को सूचित किया कि पीछोला झील में चट्टाने तोड़ने से झील का पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ेगा और इससे झील के पेटे को भी नुकसान होगा। इस पर नगर निगम अधिकारियों ने चट्टाने तोड़ने का काम रूकवा दिया।
दो दिन पहले बुधवार शाम जब तेज शंकर पालीवाल ब्रह्मपोल दरवाजे के पास से निकल रहे थे, तो उन्हें करीब 10-12 बदमाशों ने घेर लिया। जान से मारने की धमकी दी और कहा कि चट्टाने तुड़वाने का काम क्यों रूकवाया। आगे ऐसा किया तो तुम्हारे हाथ-पैर काट देंगे। यह घटनाक्रम होता देख लोग वहां इकट्ठा होने लगे तो आरोपी लड़के भाग गए।
पड़ताल की जाए कि चट्टाने तोड़ने से किसे फायदा होने वाला था
तेज शंकर पालीवाल ने बताया कि वे 35 सालों से झील संरक्षण में काम कर रहे हैं। झीलों में गिरने वाले कई नाले तक बंद करवाए। ऐसा पहली बार हुआ है कि झील संरक्षण की बात करने पर इस तरह धमकाया गया।
पुलिस के साथ नगर निगम को भी इस पर कार्यवाही करनी चाहिए कि झील में चट्टाने तोड़ने से किस-किस फायदा है। ठेकेदार किसके कहने पर झील में चट्टाने तोड़ने का काम करवा रहा था। क्यों कि इसमें जिसका फायदा है, बदमाश भी उसी ने भेजे होंगे। फिर अभी उन लोगों को नहीं रोका गया तो वे आगे फिर झील में चट्टाने तुड़वाने का प्रयास करेंगे।

