Site iconSite icon AR Live News

उबेश्वरजी स्मृति वन (शिव पार्क) नया टूरिस्ट-पिकनिक डेस्टिनेशन: एडवेंचर एक्टिविटी और ट्रैकिंग से बढ़ेगा रोमांच

udaipur ubeshwar ji shiv park new tourist picnic destination with more adventure 2udaipur ubeshwar ji shiv park new tourist picnic destination with more adventure 2
पीपलिया जैसा सुदंर दृष्य दिखता है यहां से

उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर वासियों के लिए जल्द ही उबेश्वरजी स्मृति वन (शिव पार्क) एक नया टूरिस्ट-पिकनिक डेस्टिनेशन तैयार हो जाएगा। वन विभाग उत्तर मंडल इसे जल्द से जल्द पूरा करने में जुटा हुआ है, ताकि पहाड़ियों से गिर रहे झरनों का मनोरम दृश्य शहरवासी यहां से देख सकें। इसी को लेकर सीसीएफ आरके सिंह, सीएफ आरके जैन ने यहां का निरीक्षण किया है।

खासबात है कि पीपलिया का स्थान सेना के पास जाने के बाद वहां आमजन का प्रवेश बंद हो गया है, तो जो नजारा लोगों को वहां से दिखता था, उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत नजारा आमजन उबेश्वरजी स्मृति वन (शिव पार्क) से देख सकेंगे। यहां आमजन अपने या अपनों की याद में पौधरोपण भी करवा सकेंगे।

5500 से अधिक छोटे-बड़े पेड़-पौधों से हरा-भरा किया है पार्क

सीसीएफ आरके सिंह ने बताया कि क्षेत्र को हराभरा करने के लिए उबेश्वरजी स्मृति वन (शिव पार्क) के 25 हेक्टेयर क्षेत्र में 5500 से अधिक बड़े-छोटे पौधे रोपे गए हैं। बिलपत्र, खिरणी, आंवला, चुरेल, बड़, पीपल जैसे फलदार सहित अन्य पौधे रोपे हैं और बीजारोपण भी किया है। आमजन के लिए उबेश्वरजी स्मृति वन (शिव पार्क) में एडवेंचर एक्टिविटी, ईकोटोन पार्क भी तैयार किया जा रहे हैं, इसके साथ ही एक वाॅच टावर भी है, जहां से हरितम पहाड़ियां बेहद खूबसूरत दिखती हैं।

हमारे प्रयास रहेंगे कि इसे जल्द से जल्द आमजन के लिए खोला जा सके, ताकि आमजन इस मानसून में यहां के मनोरम दृष्यों को देख सकें। इस मौके पर वन मंडल उत्तर डीएफओ बालाजी करी, सहायक वन संरक्षक डीके तिवारी, क्षेत्रीय अवन अधिकारी दिलीप गुर्जर भी मौजूद रहे।

अपनों की स्मृति में लगा सकेंगे पौधे

सीएफ आरके जैन ने बताया कि उबेश्वरजी स्मृति वन (शिव पार्क) है, तो यहां लोग जो भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं या परिवार पिकनिक मनाने आते हैं तो उन्हें इस पार्क में बैठने की समुचित जगह तो मिलेगी ही, वे अपने या अपनों के नाम से, उनकी याद में पौधरोपण भी करवा सकेंगे। इसका एक सामान्य चार्ज लिया जाएगा, ताकि वन समिति सदस्य उस पौधे की उसके बड़े होने तक देखभाल करे और वह पौधा उस व्यक्ति के नाम के साथ बड़ा होकर पेड़ बन सके। ऐसे में वह व्यक्ति जब भी वहां जाएंगा और अपने या अपनों के नाम के पौधे को पाएगा तो वह अनुभव बेहद सुखद होगा।

Exit mobile version