उदयपुर,(ARLive news)। आयकर विभाग की ओर से बुधवार को फेसलेस असेसमेंट स्कीम पर उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के व्यवसायियों के लिए एक वेबिनार आयोजित हुई। इसमें मुख्य आयकर आयुक्त आशीष वर्मा ने यूसीसीआई के सदस्य व्यवसायियों को पारदर्शी कराधान, फेसलेस निर्धारण का ईको सिस्टम, राष्ट्रीय ई-असेसमेंट सेंटर, क्षेत्रीय ई-असेसमेंट सेंटर, सिटीजन चार्टर से संबंधित विस्तृत जानकारी दी और पावर पॉइंट प्रजटेंशन के जरिए पूरी प्रक्रिया प्रेक्टिकल समझाई। वेबिनार में उदयपुर के प्रमुख उद्योगपति तथा करदाताओं ने हिस्सा लिया।
मुख्य आयकर आयुक्त आशीष वर्मा ने बताया कि फेसलेस असेसमेंट एक टीम आधारित निर्धारण होगा। जिसका कि गतिशील क्षेत्राधिकार रहेगा, अर्थात जिसका किसी निर्धारिती के शहर में कोई क्षेत्रीय निर्धारण अधिकारी नहीं होगा। किसी एक शहर के निर्धारिती का निर्धारण अधिकारियों की एक टीम द्वारा किया जाएगा जो कि अलग-अलग शहरों में होंगी, वो टीम इलेक्ट्रोनिक मोड द्वारा जुड़ी रहेगी, ताकि न तो किसी निर्धारण अधिकारी को यह जानकारी होगी कि वो किस निर्धारिती का निर्धारण कर रहा है और न ही निर्धारिती को यह जानकारी होगी कि उसका निर्धारण किस निर्धारण अधिकारी द्वारा किया गया है।
चार यूनिट्स में होगा निर्धारण
इस स्कीम में निर्धारण चार यूनिट्स के द्वारा किया जाएगा जो कि असेसमेन्ट यूनिट, वेरीफिकेषन यूनिट, टेक्नीकल यूनिट एवं रिव्यू यूनिट के नाम से होंगी। इन सभी यूनिट्स को दिल्ली में स्थापित नेशनल ई-असेसमेन्ट सेन्टर एवं विभिन्न प्रदेशों में स्थापित रिजनल ई-असेसमेन्ट सेन्टर द्वारा नियन्त्रित किया जाएगा।
स्क्रूटनी में सलेक्ट होने के बाद, धारा 143 (2) के तहत नोटिस नेशनल ई-असेसमेन्ट सेन्टर द्वारा ऑनलाईन जारी होंगे और निर्धारिती को डिटेल ऑनलाईन नेशनल ई-असेसमेन्ट सेन्टर में ही फाइल करनी होगी। नेशनल ई-असेसमेन्ट सेन्टर निर्धारिती के लिए सिंगल कॉन्टेक्ट पॉईंट होगा, जहां से ही उसको इलेक्ट्रोनिक माध्यम से डी.आई.एन. के साथ नोटिस मिलेगी और जवाब भी केवल नेशनल ई-असेसमेन्ट सेन्टर को देना होगा।
आशीष वर्मा ने बताया की राजस्थान में जोधपुर में एक क्षेत्रीय ई-असेसमेन्ट सेन्टर की स्थापना की गई है जो कि मुख्य आयकर आयुक्त, जोधपुर द्वारा नेतृत्व किया जाएगा।

