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सपोर्ट ब्रेस्ट फीडिंग फॉर अ हेल्थिअर प्लेनेट थीम पर मनाया विश्व स्तनपान सप्ताह

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जयपुर,(ARLive news)। यूनिसेफ राजस्थान की पोषण टीम और रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम दिन स्तनपान के महत्व और लाभों पर एक वेबिनार का हुई। ‘सपोर्ट ब्रेस्ट फीडिंग फॉर अ हेल्थिअर प्लेनेट’ थीम पर स्तनपान सप्ताह मनाया गया। यूनिसेफ ने महिलाओं को कुशल स्तनपान परामर्श उपलब्ध कराने के लिए आह्वान किया।

शुक्रवार को इस वेबीनार में करीब 117 प्रतिभागियों ने भाग लिया। स्तनपाल के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर में चौमूं के बांसा अनंतपुरा गांव में रहने वाले किसान विजय की पत्नी सुमन ने पिछले महीने 3 जुलाई को एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जिसका जन्म के समय वजन 2 किलो 700 ग्राम था। लेकिन स्तन में ‘इनवर्टेड निपल’ विकृति होने की वजह से सुमन नवजात को स्तनपान नही करा पा रही थी। इससे बच्चे को डायरिया हो गया। विजय ने क्षेत्र में कार्यरत सांस्कृतिकी संस्थान के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया,जो स्तनपान और पोषण से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रहे थे। इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सुझाए अनुसार सुमन सीरिंज तकनीक से अपने नवजात को स्तनपान करा सकी।

वेबीनार में विशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान के अभाव में बच्चे कुपोषित हो जाते हैं और 45 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु में कुपोषण भी एक बड़ा कारण होता है। अगर जन्म के एक घण्टे के भीतर नवजात को स्तनपान शुरू कर दिया जाये तो इनमें से 22 प्रतिशत नवजात शिशुओं की जान बचाई जा सकती है।

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