जयपुर,(ARLive news)। जयपुर एसीबी की श्रीगंगानगर में ट्रैप कार्रवाई करने के दौरान आरोपी एएसपी अमृत जीनगर के सुरक्षाकर्मी ने फायरिंग कर दी। गनीमत है कि फायरिंग में कोई भी हताहत नहीं हुआ, एसीबी के अधिकारी कर्मचारी बाल बाल बचे। एएसपी ने पति-पत्नी में चल रहे विवाद को सेटल कराने के नाम पर घूस मांगी थी। जयपुर से डीजी एसीबी डॉ. आलोक त्रिपाठी, एडीजी दिनेश एमएन मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे।
दरअसल श्रीगंगानगर में रायसिंगनगर एएसपी अमृत जीनगर ने पति-पत्नी में चल रहे विवाद को सेटल कराने के नाम पर दलाल अनिल विश्नोई के मार्फत 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसकी परिवादी ने जयपुर एसीबी में शिकायत की। शिकायत मिलने पर जयपुर एसीबी टीम ने सत्यापन किया। पुष्टि होने पर टीम एसीबी रायसिंहनगर पहुंची। जयपुर एसयू यूनिट-2 के डिप्टी एसपी मांगीलाल चौधऱी ने ट्रेप कार्रवाई आयोजित की। कार्रवाई में सीकर डिप्टी एसपी जाकिर अख्तर भी सहय़ोग करने श्रीगंगानगर पहुंचे।
दलाल को गिरफ्तार कर जब एएसपी को पकड़ा तो हुई एसीबी टीम पर फायरिंग
एएसपी अमृत जीनगर दलाल अनिल बिश्नोई के मार्फ़त 2 लाख रुपये की घूस ले रहा था। इस दौरान एसीबी की टीम ने दलाल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एसीबी की टीम एएसपी अमृत जीनगर को गिरफ्तार करने पहुंची। एसीबी ने अमृत जीनगर को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी टीम एएसपी जीनगर को एसीबी की गाड़ी में बैठा रही थी कि तभी एएसपी के गनमैन ने एसीबी की टीम पर फायरिंग कर दी। इस दौरान एएसपी भाग कर घर के अंदर घुस गए। हालां कि एसीबी की टीम डिप्टी एसपी जाकिर अख्तर के साथ मौके पर डटी रही। बाद में जब थाने से अतिरिक्त जाब्ता आया, इसके बाद टीम फिर घर के अंदर गयी और एएसपी को गिरफ्तार किया।
इस दौरान एसीबी डीएसपी जाकिर अख्तर बाल बाल बचे। क्यों कि गनमैन द्वारा चलायी गयी गोली उनके कान के पास से गुजरी गयी। बता दें कि दलाल अनिल बिश्नोई पूर्व मंत्री का पीए रह चुका है।

