उदयपुर,(ARLive News)। कोरोना महामारी के दौर में जहां हर आदमी दूसरे से बच रहा है, वहीं बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस प्लंबर, ठेकेदार, कोरोना सर्वे दल सहित न जाने क्या-क्या बन कर उनके घर, ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें धरदबोच रही है। प्रतापनगर थाना पुलिस ने भी 1 महीने के अतंराल में 45 स्थाई वारंटियों और वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
इन स्थाई वारंटियों और वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रतापनगर थाना पुलिस कभी प्लंबर बनकर उनके घर पहुंची तो कभी ठेकेदार। कई बार तो हाथ में रजिस्टर लेकर कोरोना सर्वे तक कर आए। बदमाशों को भनक भी नहीं लगी और वे पुलिस गिरफ्त में आ गए।
प्रतापनगर थानाधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि जिले में चल रहे स्थाई वारंटियों और वांछित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच प्रतापनगर पुलिस ने उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर सहित मध्यप्रदेश और गुजरात के अलग-अलग जिलों में बदमाशों की पड़ताल की। ये सभी बदमाश पिछले 10 से 15 सालों से फरार थे।
कोरोना संक्रमित भी हो गए दो पुलिसकर्मी
थानाधिकारी विवेक सिंह ने बताया पुलिस टीम बदमाशों के घरों तक मुखबीरी के जरिए पहुंची। वहां पुलिस कर्मी हमेशा सिविल में गए। एक जगह प्लंबर बनकर पहुंचे और पता किया कि बदमाश घर है या नहीं। एक जगह सिविल ठेकेदार बनकर पहुंचे। कई जगह कोरोना सर्वे करने के बहाने पहुंचे और बदमाशों की पड़ताल की।
कुछ बदमाश इस कोरोना काल में भी घर नहीं पहुंचे तो उनके घरवालों को फोन कर एक्सीडेंट होने सहित अन्य बहाने बनाकर उसके नंबर लिए और बदमाश तक पहुंचे। थाने की पुलिस टीम ने एक-दूसरे के सहयोग से 1 महीने में 45 वांछित बदमाशों और स्थाई वारंटियों को पकड़ा है। इस दौरान ऐसे बदमाश भी पकड़े गए, जो कोरोना संक्रमित निकले, जिससे थाने के स्टाफ भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए।

