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उदयपुर को मिला पहला प्लाज्मा डोनर: कोरोना संक्रमितों का प्लाज्मा थैरेपी से शुरू हो सकेगा इलाज

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उदयपुर,(ARLive news)। राज्य सरकार से उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल को कोरोना के गंभीर मरीजों की प्लाज्मा थैरेपी से उपचार करने की स्वीकृति मिलने के बाद आज सोमवार को एक प्लाज्मा डोनर भी मिल गया है। सवीना निवासी 30 वर्षीय रोनक सुहालका ने आज एमबी हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की टीम की देखरेख में प्लाज्मा डोनेट किया है। रोनक उदयपुर के पहले प्लाज्मा डोनर हैं।

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. लाखन पोसवाल ने बताया कि रोनक के 2 मई को कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। इनकी पत्नी सहित परिवार के पांच सदस्य भी संक्रमित हुए थे। रोनक की जब कोरोना संक्रमित की रिपोर्ट आयी थी, तब उनमें इसके लक्षण भी नजर आ रहे थे। ये हॉस्पिटल में 27 मई तक भर्ती रहे हैं। इस दौरान ये कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव हुए और स्वस्थ होने पर इन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया। इनका ब्लड ग्रुप बी-पॉजिटिव है। ट्रांसफ्यूजन मेडिकल के एचओडी डॉ. संजय, नोडल ऑफिसर डॉ. भाग चंद और मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश लखारा की टीम के नेतृत्व में आज युवक ने प्लाज्मा डोनेट किया है।

उदयपुर आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एमबी हॉस्पिटल को प्लाज्मा थैरेपी से संक्रमितों का इलाज करने की स्वीकृति मिलने के बाद हमने शहर में कोरोना संक्रमित होने के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके लोगों से अपील की थी कि वे प्लाज्मा डोनेट करें, ताकि कोरोना के गंभीर मरीजों का उपचार किया जा सके। इससे कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों में और कमी आएगी।

कोरोना संक्रमित हो चुके ये मरीज कर सकते हैं प्लाज्मा डोनेशन

वे कोरोना संक्रमित मरीज, जो पिछले 4 महीने के अंतराल में कोरोना संक्रमित हुए हों और अभी स्वस्थ हो चुके हैं और स्वस्थ हुए एक महीना हो चुका है। जब वे कोरोना संक्रमित हुए तब उनके लक्षण नजर आए हो। इसके अलावा वे रिकवर हुए तो उनकी रिकवरी के बाद 2 बार नेगेटिव रिपोर्ट आयी हो। वे ही प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं।

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