भरतपुर (ARLive news) । भरतपुर पुलिस उपमहानिरीक्षक के परिचित द्वारा 5 लाख की रिश्वत के मामले में प्रदेश सरकार ने भरतपुर रेंज के डीआईजी लक्ष्मण गौड़ को APO कर दिया है। सरकार ने अभी उनके स्थान पर किसी और अधिकारी को नियुक्त नहीं किया है।
एसीबी ने डीआईजी लक्ष्मण गौड़ के नाम पर रिश्वत मांगने वाले प्रमोद शर्मा को गिरफ्तार किया था। और मामले की गहराई से जांच कर रही है। इसी के चलते की एसीबी की कई टीमें शनिवार को मामले से संबंधित और तथ्यों की जांच करने भरतपुर पहुंची।
जांच अधिकारी सहित तीन टीमें भरतपुर पहुंच चुकी है, दो दर्जन थानाधिकारियों की कॉल डिटॉल खंगालने के बाद कई लोगों बयान के लिए जा रहे। एसीबी, आयकर विभाग व प्रवर्तन निदेशालय जिले के साथ साथ संभाग के थानाधिकारियों पर भी नजर बनाये हुए है। टीमों के आज शाम तक भरतपुर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि प्रमोद शर्मा नाम का व्यक्ति खुद को डीआईजी का भाई बताकर डीआईजी लक्ष्मण गौड़ के सरकारी आवास में रह रहा था। प्रमोद ने उद्योग नगर थानाधिकारी चंद्र प्रकाश को फोन पर डीआईजी का सरंक्षण दिलवाने और एसीआर सही भरवाने के बदले में 5 लाख रुपए मांगे थे। थानाधिकारी चंद्र प्रकाश की शिकायत पर एसीबी ने प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी मामले में डीआईजी लक्ष्मणगढ़ गौड़ की भूमिका की जांच कर रही है।
वहीं डीआईजी लक्ष्मण गौड़ का कहना है कि प्रमोद शर्मा मेरा परिचित है,कोरोनाकाल में मेरे घर आ गया था। लेकिन मैंने ना तो किसी से रुपए मांगे और न ही मंगवाए। और ना ही आरोपी के कहने पर किसी का ट्रांसफर या पोस्टिंग की है। एसीबी मामले की जांच कर रही है उसमें सब क्लियर हो जाएगा।

