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हिंदुस्तान जिंक से हो सकती है 2500 करोड़ की वसूली : SDRI की जांच के बाद खान विभाग ने जारी किया नोटिस

mining department issued notice to hindustan zinc for 2500 crore royalty of byproduct silvermining department issued notice to hindustan zinc for 2500 crore royalty of byproduct silver

उदयपुर/जयपुर,(ARLive news)। राज्य की सबसे बड़ी खनन कंपनी हिंदुस्तान जिंक के 2500 करोड़ रूपए की रॉयल्टी अपवंचना का मामला सामने आया है। इस संबंध में राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय (SDRI) ने जांच पूरी कर बड़ा खुलासा किया है। जांच पूरी होने के बाद खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने हिन्दूस्तान जिंक लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को 30 दिन का नोटिस जारी किया है। ऐसे में रॉयल्टी की सही सूचना नहीं देने पर हिंदुस्तान जिंक से 2500 करोड़ की मांग कायम कर वसूली की जा सकती है।

खान एवं भू-विज्ञान विभाग के अतिरिक्त निदेशक (विजिलेंस) दीपक तंवर ने बताया कि एसडीआरआई ने केस दर्ज कर जांच की थी। एसडीआरआई ने जांच में पाया कि हिंदुस्तान जिंक ने उत्खनन से प्राप्त चांदी की मात्रा राज्य सरकार को कम बताई है। इससे राज्य सरकार को करीब 2500 करोड़ रूपए के राजस्व की हानि हुई है। ऐसे में एसडीआरआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर खान विभाग ने हिंदुस्तान जिंक को नोटिस जारी किया है, उनसे इस संबंध में जवाब मांगा गया है। इसके बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

364510 किलोग्राम चाांदी उत्पादन राज्य सरकार को नहीं बताया

हिन्दूस्तान जिंक (Hindustan zink ltd.) की राजस्थान में भीलवाड़ा के रामपुरा, आगुंचा, राजसमन्द के सिंदेसर खुर्द, राजपुरा दरीबा, उदयपुर के जावर, एवं अजमेर के कायड़ स्थित पांच खानें संचालित होती है। जिसमें लेड, जिंक के अलावा सिल्वर (चांदी) एवं कैडमियम भी उपउत्पाद (बाई प्रॉडक्ट) के रूप में प्राप्त होते है।

खननकर्ता कंपनी को एमएमडीआर 1957 अधिनियम के तहत खनन में प्राप्त खनिज और उप उत्पाद की जानकारी भारतीय खान ब्यूरो विभाग और राज्य सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग को देनी होती है। इस उपउत्पाद खनिजों पर रॉयल्टी राज्य सरकार वसूलती है।

राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय (SDRI) को यह जानकारी मिली कि हिंदुस्तान जिंक ने चांदी और कैडमियम की सही मात्रा राज्य सरकार को नहीं बतायी है। इस पर SDRI ने संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया और विस्तृत जांच शुरू की।

केन्द्र और राज्य सरकार के विभागों को दी जानकारी में निकला अंतर

SDRI ने 2012-13 से 2017-18 तक हिंदुस्तान जिंक कंपनी द्वारा केन्द्र के भारतीय खान ब्यूरो और राज्य सरकार के खान एवं भू विज्ञान विभान को दिए गए चांदी और कैडमियम के उत्पादन के आंकड़ों का मिलान किया। जिसमें दोनों को उपलब्ध आंकड़ों में काफी बड़ा अंतर मिला। SDRI ने पाया कि हिंदुस्तान जिंक ने जो आंकड़े राज्य सरकार के खान विभाग को दिए हैं, वे केन्द्र सरकार के भारतीय खान ब्यूरो को दिए आंकड़ों से काफी ज्यादा कम हैं। इन आंकड़ों में 3,64,510 किलोग्राम चांदी उत्पादन का अंतर पाया गया।

SDRI ने जांच में पाया कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड कंपनी ने आंकड़ों में हेरा-फेरी की। चूंकि उत्खनित खनिजों पर रॉयल्टी राज्य सरकार वसूलती है, ऐसे में राज्य सरकार को 364510 किलोग्राम चांदी उत्पादन नहीं बताया और इससे राज्य सरकार को प्राप्त होने वाली राजस्व में भारी हानि हुई है।

अब SDRI की इस जांच रिपोर्ट के आधार पर खान एवं भ-विज्ञान विभाग के अतिरिक्त निदेशक (सतर्कता) दीपक तंवर ने हिंदुस्तान जिंक को वसूली का नोटिस जारी किया है। जवाब के लिए हिंदुस्तान जिंक को 30 दिन का समय दिया है। रॉयल्टी की सही सूचना नहीं देने की स्थिति में खान विभाग 2500 करोड़ रूपए की मांग कायम कर वसूली कर सकता है।

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