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जानिए…पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में किसको क्या मिला : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

finance minister nirmala sitharaman share detail of 20 lakh crore economic packagefinance minister nirmala sitharaman share detail of 20 lakh crore economic package

नयी दिल्ली,(ARLive news)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पीएम नरेन्द्र मोदी की घोषणा के 20 लाख करोड़ रूपए के आर्थिक पैकेज को लेकर कहा कि इससे भारत आत्मनिर्भर भारत बनने में मदद मिलेगी। अभी तक 52606 करोड़ रुपए देश के 41 करोड़ जनधन खातों में डाले गए हैं। 18 हज़ार करोड़ रुपए का राशन बांटा गया है जिसमें 48 लाख मेट्रिक टन गेहूं और चावल 69 करोड़ राशनकार्ड धारकों में बांटा गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने 6 बिंदुओं में बताया कि 20 लाख करोड़ रूपए के आर्थिक पैकेज से किसको क्या राहत मिलेगी। इसके अलावा आयकर रिटर्न की तारीख को भी आगे बढ़ा दिया गया है।

1 : एमएसएमई को बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ के लोन

: वित्त मंत्री निर्लमा सीतारमण ने कहा, ‘मध्यम लघु और कुटीर उद्योगों एमएसएमई को तीन लाख करोड़ रुपए तक के कोलेटरल फ्री ऑटोमेटिक लोन को बिना गारंटी के दिया जाएगा। इसमें किसी को अपनी ओर से कोई गारंटी नहीं देनी होगी। इसकी समयसीमा चार साल की होगी और पहले एक साल में मूलधन चुकाना नहीं पड़ेगा। 10 महीनों के लिए इस पर छूट रहेगी। ये क़र्ज़ 31 अक्टूबर 2020 तक उपलब्ध होंगे।

: आंशिक ऋण गारंटी योजाना में 45 लाख करोड़ रुपए का प्रावधन किया जाएगा। इसमें सरकार को 20 फीसदी का नुकसान होगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों और आम आदमी को लोन देने में सहूलियत होगी।

: जो एमएसएमई अच्छा कारोबार कर रही हैं, और बढ़ाना चाहती हैं, उनके लिए फंड ऑफ़ फंड्स बनाया जा रहा है. इससे पचास हज़ार करोड़ की इक्विटी आएगी।

: लोकल उद्योगों को ग्लोबल करने के लिए 200 करोड़ रुपए से कम के ग्लोबल टेंडर के नियम को खत्म कर दिया गया है।

2 : एनबीएफ़सी के लिए तीस हज़ार करोड़ की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम

: ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफ़सी या फिर हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट के लिए तीस हज़ार करोड़ की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम लाई जा रही है। इनकी पूरी गारंटी भारत सरकार देगी।

: 45,000 करोड़ रुपए की आंशिक क्रेडिट गारंटी एनबीएफसी को दी जाएगी। इसमें एए पेपर्स और इसके नीचे के रेटिंग वाले पेपर्स को भी कर्ज मिलेगा। अनरेटेड पेपर्स के लिए भी इसमें प्रावधान किया गया है। इससे नई लेंडिंग को बढ़ावा मिलेगा।

3 : रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को पूरा करने की तारीख 6 महीने बढ़ाई

सभी सरकारी एजेंसियां जैसे रेलवे, रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट को बिना व्यक्तिगत आवेदन मंगवाएं छह महीने के लिए आगे बढ़ा देंगे। इन 6 महीनों के दौरान कॉन्ट्रैक्टर को बिना किसी शर्त के राहत दी जाएगी। कॉन्ट्रैक्टर जो आंशिक सिक्योरिटीज देते थे, उसे वापस किया जाएगा। उदाहरण के लिए किसी ने 70 प्रतिशत काम किया है तो उसकी बाकी की 30 प्रतिशत गारंटी उसे वापस की जा सकती है। जितना काम होगा, उस आधार पर यह गारंटी रिलीज की जा सकती है।

4: पावर जनरेटिंग कंपनियों को 90 हजार करोड़ रुपए

राज्यों की पावर जनरेटिंग कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए 90,000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। डिस्कॉम को इससे फायदा मिलेगा। बिजली उत्पादन और वितरण करनेवाली कंपनियों के लिए यह प्रावधान किया गया है। 90 हजार करोड़ रुपए सरकारी कंपनियों पीएफसी, आरईसी के माध्यम से दिया जाएगा।

5 : पीएफ-ईपीएफ: 70.22 लाख कर्मचारियों के लिए 2,500 करोड़ रुपए खर्च करेगी

: सभी फर्म और कंपनियां जहां 100 से कम कर्मचारी काम करते हैं और उनकी सैलरी 15 हजार से कम है, तो उनके पीएफ का पैसा सरकार देगी। ऐसे कर्मचारियों की सैलरी का 24% हिस्सा सरकार उनके पीएफ में जमा करेगी।

: कंपनियां कर्मचारियों के पीएफ में अपना हिस्सा 12% की जगह 10% तक कर सकेंगी। इपीएफ कंट्रीब्यूशन को तीन महीने के लिए आगे बढ़ाया, अब अगस्त तक ईपीएफ में सरकार मदद करेगी। इस तरह से सरकार 70.22 लाख कर्मचारियों की मदद के लिए 2,500 करोड़ रुपए खर्च करेगी

6 : टीडीएस रेट में 25% की कमी, 55 हजार करोड़ का फायदा होगा

: टीडीएस की दरों में 25% की कमी की जाएगी। यह सभी पेमेंट पर लागू होगा चाहे वह कमीशन हो, ब्रोकरेज हो या कोई अन्य पेमेंट। उदाहरण के लिए जो ग़ैर-वेतन भोगी सौ रुपए टीडीएस देते थे, अब उन्हें 75 रुपए ही देने होंगे, 25 रुपए की बचत होगी दरों में कमी 13 मई से लागू होगी और मार्च 2021 तक रहेगी। टीडीएस कटौती से 55 हजार करोड़ रुपए का लाभ होगा।

: जिनके भी रिफंड लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा। छोटे उद्योग हों, पार्टनरशिप वाले उद्योग हों, एलएलपी हों, या कोई अन्य उद्योग, सभी को जल्द से जल्द भुगतान होगा।

7 : आयकर रिटर्न तारीख़ आगे बढ़ी

: इनकम टैक्स की रिटर्न तारीख़ को 31 जुलाई 2020 और 31 अक्टूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 और टैक्स ऑडिट को बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दिया है। डेट ऑफ़ एडजस्टमेंट को भी 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है।

: 31 मार्च 2021 को वर्जित हो रही तारीख़ को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया है। विवाद से विश्वास स्कीम को कोई अतिरिक्त चार्ज दिए बिना 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है।

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