कोरोना संक्रमित महिला के पति की नेगेटिव रिपोर्ट
उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर के गायरिसावास निवासी कोरोना संक्रमित महिला के संक्रमण स्त्रोत का पता लगाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। महिला कैंसर पीड़िता है। महिला की खुद की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है, ऐसे में पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि महिला को यह संक्रमण पति से लगा हो सकता है, चूंकि पति सवीना सब्जी मंडी में मुनीम हैं, तो इनकी पुख्ता रिपोर्ट जानना प्रशासन के लिए ज्यादा जरूरी हो गया था। राहत की बात है कि गुरूवार को महिला के पति की कोरोना रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गयी है।
लेकिन अब प्रशासन के सामने सवाल है कि महिला को संक्रमण कहां से लगा होगा। अब प्रशासन को अंदेशा है कि यह संक्रमण महिला को हॉस्पिटल के जरिए ही तो नहीं लगा है। महिला को कैंसर होने के कारण पिछले महीने से ही उसकी कीमो थैरेपी शुरू हुई है। इसके चलते वह 20 अप्रेल को एमबी हॉस्पिटल आयी थी और लैब में एक्स-रे भी करवाया था। इसी अंदेषे के चलते अब प्रषासन ने एक्स-रे डिपार्टमेंट के सभी कर्मचारियों के भी कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए हैं।
इधर निम्बाहेड़ा के पहले कोरोना संक्रमित 42 वर्षीय व्यापारी की आज मौत होने से प्रषासन के लिए इनका संक्रमण स्त्रोत तलाषना भी मुष्किल हो गया है।
मरीज के परिजनों को दवाई खरीदने एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है
प्रषासन ने एहतियातन एमबी हॉस्पिटल के हॉस्पिटल रोड पर बने मेन गेट को बेरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया है। हालां कि प्रषासन ने यह कोरोना संक्रमण के बचाव में एहतियातन किया है। लेकिन इससे एमबी हॉस्पिटल आने वाले अन्य बीमारियों के मरीजों और उनके परिजनों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
अस्पताल में कई बार मरीज के उपचार में ऐसी दवाईया भी लिखी जाती है, जो हॉस्पिटल के अंदर मौजूद निषुल्क दवा योजना के तहत उपलब्ध नहीं होती। इस पर मरीज मेन गेट से बाहर हॉस्पिटल रोड स्थिति निजी मेडिकल स्टोर से ये दवाईयां खरीदते थे। लेकिन अब चूंकि यह गेट बंद हो गया है, ऐसे में परिजनों को दवाई लेने के लिए हाथीपोल वाले गेट से आना-जाना होगा। इस गेट से हॉस्पिटल रोड स्थित मेडिकल स्टोर्स करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर हैं।

