जयपुर,(ARLive news)। राजस्थान में बुधवार को 159 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इससे राज्य में संक्रमितों की संख्या कुल 1888 हो गयी है। वहीं बुधवार को भरतपुर में एक संक्रमित की मौत हो गयी। जयपुर में सोमवार को 68 नए मरीज मिले, इससे यहां कुल मरीजों की संख्या 725 हो गयी।
देश में जारी लॉकडाउन के चलते मजदूर वर्ग के लिए राज्य सरकार ने बुधवार से मनरेगा के कार्य शुरू कर दिए हैं। इससे पलायन कर अपने गांव वापस लौटे और गांव में बेरोजगार हुए ग्रामीण और मजदूरों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मनरेगा के कामकाज का मौका मुआयना किया । उन्होंने बताया कि 6 लाख मजदूरों के साथ मनरेगा का काम शुरू हो गया है। पायलट ने यह भी कहा कि मनरेगा में मिलने वाली मजदूरी को प्रतिदिन 199 रुपये से बढ़ाकर प्रतिदिन 220 रुपये कर दिया है।
गर्मी को देखते हुए मनरेगा के समय बदला
उपमुख्यमंत्री सचिन ने कहा कि बदले हालात में मनरेगा के कामकाज के नियम बदल दिए गए हैं। व्यक्तिगत काम भी मनरेगा के काम में गिने जाएंगे। कोई खेत पर काम करता है तो उसको मनरेगा में जोड़ा जाएगा और मजदूरी दी जाएगी। गांव का कोई भी काम करवाया जा सकता है, उसको भी मनरेगा में गिना जाएगा।
गर्मी को देखते हुए मनरेगा के समय में भी बदलाव किया गया है । अब मनरेगा काम को सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक सीमित किया गया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मनरेगा मजदूरों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी कर दिया गया है और मौके पर साबुन, पानी और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। सचिन पायलट ने कहा लॉकडाउन के बाद हालात को पटरी पर आने में समय लगेगा। मनरेगा ने ही 2008 के आर्थिक मंदी के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संभाला था और अब जब चारों तरफ से मजदूर गांव की तरफ पलायन रहे हैं तो सबकी निगाहें मनरेगा पर टिकी है।
65 साल की वृद्धा घर चलाने के लिए मिट्टी ढोने पहुंची
65 साल की मनरेगा मजदूर नारायणी देवी ने मनरेगा में काम शुरू कर दिया है। पति बीमार रहता है, 4 बेटियों में से तीन की शादी कर दी। घर में खाने के लिए कुछ नहीं बचा था । अब काम नहीं करूंगी तो घर कौन चलेगा इसलिए जब सुना कि मनरेगा का काम शुरू हो रहा है तो मिट्टी ढोने चली आई , कम से कम अब घर का चूल्हा तो चलेगा।
राजस्थान में बुधवार को 159 नए कोरोना संक्रमित

