नई दिल्ली,(ARLive news)। कोरोना महामारी को लेकर गुरूवार को केन्द्रीय मंत्रालयों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडियन काउंसिंल ऑफ मेडिकल रिसर्च के प्रतिनिधि से जानकारी दी कि देश को 5 लाख रैपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किट गुरुवार को चीन की दो फर्म से मिल गईं। अब इसके जरिए देश के कोरोना होट स्पॉट बने स्थानों पर तेजी से जांच हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि देश में जरूरत के हिसाब से टेस्टिंग हो रही है। इसे आगे भी क्षमता बढ़ाने पर काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि देश में अभी 24 कोरोना टेस्ट में कोई एक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है, वहीं जापान में 11.7, इटली में 6.7, अमेरिका में 5.3 और ब्रिटेन में 3.4 लोगों के टेस्ट में एक कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है। ऐसे में अभी देश में इसके फैलने की रफ्तार अन्य देशों की तुलना में कम है।
आईसीएमआर विशेषज्ञ ने बताया कि रैपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किट से कोरोना की जांच नहीं होगी, बल्कि इस बात की जांच होगी कि व्यक्ति किसी वायरस या पैथोजन से संक्रमित है या नहीं। किसी वायरस से संक्रमित होने पर बॉडी इसकी प्रतिक्रिया में एंटी बॉडी बनाता है। इस टेस्ट में एंटी बॉडी की जांच होगी। टेस्ट में एक-दो बूंद ब्लड सैंपल की जांच होगी और आईजीजी एंटी बॉडी की मात्रा का पता लगाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति पहले कोरोना संक्रमित रहा हो, लेकिन वह खुद ठीक हो गया हो तो इस टेस्ट से उसकी पहचान हो सकेगी और हम पता लगा सकेंगे कि संक्रमण कहां तक फैला है।
देश में 325 जिले जहां कोरोना की नो एंट्री
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में मेक इन इंडिया का सहारा लेकर स्वास्थ्य उपकरण बनाए जाएंगे। देश में 325 ऐसे जिले हैं जहां कोई केस नहीं मिला है। देश में 27 ऐसे जिले हैं जहां पहले संक्रमित पाए गए थे और अब पिछले 14 दिनों से यहां कोई नया मामला सामने नहीं आया। 12.5% के हिसाब से कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं। अभी तक देश में 2 लाख 90 हजार से ज्यादा लोगों की जांच हुई है।

