6 अप्रैल 1980 को हुई थी भाजपा की स्थापना
स्त्रोत – जीएनएस नेशनल न्यूज एजेंसी की विशेष रिपोर्ट
ARLive news,(5 अप्रैल 2020)। 21 वीं सदी के दुसरे दशक की, कोरोना वायरस के साथ ऐसी बुरी शुरूआत होगी ये शायद ही किसी ने सोचा भी न होगा। 25 मार्च से पूरा देश 14 अप्रैल तक के लोकडाउन में चल रहा है। घर बैठे बैठे लोगो को यह अहसास कराने के लिये वह अकेले नहीं है…हम अकेले नहीं है…का नारा देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अप्रैल रविवार रात 9 बजे घर की सभी लाइटे बंद कर 9 मिनट मोमबत्ती-टार्च या दिया जला कर कोरोना के अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का मंत्र के साथ मां भारती का स्मरण करने को कहा है।
5 अप्रैल की रात पूरा भारत आकाश से कैसा दिख रहा है उसकी कोई सेटेलाइट तस्वीर भी आ सकती है। 5 अप्रैल की रात दीया जलाने का सुझाव दे कर प्रधानमंत्री ने मानो लोगो के मन में दिपावली जैसा मन भर दिया है। 5 अप्रैल मतलब आज रात को 9 बजे ऐसा ही माहौल होगा, जैसा दीयों से जगमग दीपावली पर होता है।
यहां एक तथ्य ऐसा भी है, जो भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा देश की ज्यादातर जनता को शायद मालूम नहीं होगा या ध्यान में नहीं होगा, कि आज 5 अप्रैल की शाम भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या भी है।
केन्द्र में 2014 से भाजपा की सरकार है और प्रधानमंत्री के तौर पर मोदीजी देश पर शासन कर रहे है। भारतीय जनता पार्टी या भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को मुंबई में हुई थी। भाजपा ने 5 अप्रैल के लिये भाजपा के शीर्ष नेता दिवंगत अटलजी के एक कविता या कुछ पंक्तिया भी जाहिर की है, जो दिया जलाने का संदेश देती है, माना की घना अंधेरा है…मगर दोस्तो दिया जलाना कहां मना है, आओ वहां दिप जलाये जहां अंधेरा है……!!
इसे महज संयोग ही कहा जा सकता है कि 6 अप्रैल भाजपा के 40 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर रात को घर घर दिये जलेंगे। वैसे तो भाजपा हर साल 6 अप्रैल को अपना स्थापना दिवस बडी धूमधाम से मनाती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर बुथ तक के कार्यकर्ता इसमें हिस्सा लेते है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से सबकुछ बंद..बंद..है, तब हो सकता है कि 5 अप्रैल की रात (भाजपा स्थापना दिवस की पूर्व संध्या) को जो दिये जलेंगे, उनमें भाजपा के कई कार्यकर्ता पार्टी के नाम का भी एक दिया जला कर भाजपा स्थापना दिवस मना सकते है।

