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नेकी की दुकान, तो कहीं वाहे गुरू की कृपा : जरूरतमंदों की तरफ बढ़े मदद के हाथ

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पीएमसीएच ने 150 प्रवासियों को दी शरण, पुलिस निभा रही बड़ी भूमिका

उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर में चल रहे लॉक डाउन में कोई भूखा न सोए, इस संकल्प के साथ उदयपुर का हर बाशिंदा अपने होने का फर्ज निभा रहा है। कोई नेकी की दुकान के नाम से जरूरमंदों तक राहत पहुंचा रहा है, तो सिख समाज ने लंगर का भोजन लोगों के घर पहुंचाना शुरू कर दिया।

इसमें पुलिस विभाग भी बड़ी भूमिका अदा कर रहा है। पुलिस थाना हिरणमगरी, निरीक्षक हनुवंत सिंह और पिंकपर्ल सोसायटी की टीम की 100 पैकेट से नौ दिन पहले शरू हुई पहल अब अभियान बन चुकी है। इनके कोरोना हेल्पिंग ग्रुप में शहर के करीब 164 लोग जुड़े हैं और पिछले 8 दिनों से हर दिन शहर व आस-पास क्षेत्र में जरूरतमंदों को 2000 से अधिक फूड पैकेट बांट रहे हैं। पुलिस विभाग ने सोमवार से जनसहयोग से जरूरतमंदों को खाने के कच्चे सामान की किट बांटनी भी शुरू कीं। एसपी कैलाश चन्द्र विश्नोई ने नाई के पास नया खेड़ा में 1200 किट वितरित किए। किट में चावल, आटा, दाल, नमक, शक्कर और तेल रखा गया है।

सिख समाज जरूरतमंद के घर भेज रहा भोजन

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने बताया कि करीब 2000 लोगों के भोजन की व्यवस्था जरूरमंदों के लिए की जा रही है। पीएमसीएच हॉस्पिटल की धर्मशाला में 150-200 लोग आराम से रह सकते हैं। अंबेरी और देबारी से पीएमसीएच की बसों में इन मजदूरों को लाकर धर्मशाला में शरण दे रहे हैं।

नेकी की दुकान बंसी चा कुटुंब संस्थान के जरिए सभी के सहयोग से शहर में हर दिन करीब 2000 से अधिक जरूरतमंदों को खाने के पैकेट और मास्क भी वितरित किए जा रहे हैं। पूर्व पार्षद नाना लाल बया ने बताया उनके इस ग्रुप में कई लोगों का सहयोग है। उन्होंने रविवार को ही 2400 बेसहारा लोगों का खिलाया खानाए 300 हैण्डमेड मास्क बांटें। इनके अलावा भी शहर में कई अपार्टमेंट की सोसायटी और कॉलोनी आपसी सहयोग से फूड पैकेट तैयार कर जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं।

सिख समाज के लंगर में कोई भी बिना भेदभाव के आ सकता है। लॉकडाउन में लंगर में लोग नहीं आ पा रहे हैं तो लंगर का खाना अब समाज के लोग जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं। समाज के तेजेन्द्र सिंह रोबिन ने बताया कि लंगर का खाना आज भी बन रहा है। जरूरतमंदों के फोन आ रहे हैं और वाहे गुरू की कृपा से हर दिन जरूरमंदों तक भोजन पहुंचा रहे हैं।

वार्ड पार्षद भी निभा रहे धर्म

अलग-अलग वार्ड के पार्षद और पूर्व पार्षद भी जनसहयोग के जरिए अपने-अपने वार्ड में उन लोगों की मदद में जुटे हैं जिन तक न तो सरकारी मदद पहुंच रही है, न ही किसी और की। ये फूड पैकेट के अलावा कच्ची बस्तियों में कच्चे माल की किट भी बांट रहे हैं। पूर्व पार्षद आशा बोर्दिया, मोहसीन खान, पार्षद शिल्पा पामेचा, संतोष मेनारिया, डॉ. सोनिका, लव देव बागड़ी अपने-अपने वार्ड में प्रयास कर जरूरमंदों तक भोजन पहुंचा रहे हैं।

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