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कोरोना का कहर : राजस्थान में 31 मार्च तक धारा 144 लागू – मुख्यमंत्री

CM Gehlot imposed section 144 in Rajasthan Till 31 MarchCM Gehlot imposed section 144 in Rajasthan Till 31 March

जयपुर,(ARLive news)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों का जीवन बचाने के लिए प्रदेश भर में प्रथम चरण में 31 मार्च तक धारा 144 लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

मुख्यमंत्री के आदेश के साथ ही प्रदेशभर में धारा 144 लागू कर दी गयी है। ऐसे में अब किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे।  मुख्यमंत्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में कोविड-19 (कोरोना वायरस) के संक्रमण से बचाव के उपायों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि प्रदेश के नागरिक इस महामारी के संक्रमण से बचे रहें। उन्होंने कहा कि मंदिर, मस्जिद सहित अन्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को एकत्र नहीं होने की सलाह दी जाए।

झुंझुनूं में पॉजिटिव मरीजों के घर के एक किमी दायरे में कर्फ्यू

सीएम अशोक गहलोत ने झुंझुंनू में जिस स्थान पर कोरोना वायरस से संक्रमित तीन रोगी पाए गए हैं, वहां अगले दो दिन तक मरीजों के घर से एक किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगाए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि अन्य लोगों में संक्रमण फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने अजमेर, कोटा, भरतपुर, झुंझुनूं सहित अन्य स्थानों पर भी जांच सुविधा विकसित किए जाने तथा जयपुर में जांच क्षमता दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं।

कोरोना पॉजिटिव लोगों के हाथ पर लगेगी मुहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में फंसे राजस्थान के निवासियों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय से बात की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विदेशों से हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट के पास स्थित होटलों में ठहराकर उनकी पूरी स्क्रीनिंग की जाए। इसके लिए तीन होटल चिन्हित किए गए हैं। जांच में लक्षण सामने आने पर ऐसे व्यक्तियों को 14 दिन तक पूरी तरह होम आईसोलेशन में रहने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही एयरपोर्ट पर उन व्यक्तियों के हाथ पर मुहर लगाई जाए। इसके अलावा उनके घर के बाहर भी इस संबंध में सूचना चस्पा की जाए ताकि आस-पड़ोस के लोग उनसे नहीं मिले और संक्रमण से बचे रह सकें।

गहलोत ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए राज्य में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जिला स्तर पर एसडीआरएफ के माध्यम से आइसोलेशन फेसिलिटी, लैब तैयार करने सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएं।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, शासन सचिव आपदा प्रबंधन सिद्धार्थ महाजन, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुबोध भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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