उदयपुर,(ARLive news)। सूरजपोल थाना क्षेत्र के टेकरी निवासी ऋण व्यापारी प्रदीप पोरवाल के साथ फिरौती वसूली की एक अलग ही वारदात हुई। तीन बदमाश नकली पिस्टल और चाकू लेकर व्यापारी के घर में बने ऑफिस में घुसे, नकली पिस्टल और चाकू दिखाकर धमकाया और भाई की बड़ा बाजार स्थित दुकान से 5 लाख रूपए फिरौती मंगवाकर फरार हो गए।
पुलिस ने तीनों बदमाश बड़ी सादड़ी हाल पानेरियों की मादड़ी निवासी दिनेश चन्द्र पुत्र छोगा लाल सुथार, निकुंभ चित्तौड़गढ़ निवासी उदयलाल पुत्र गहरी लाल सुथार, मंगलवाड़ निवासी महेन्द्र मेघवाल पुत्र शौराम मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। बदमाशों में एक कारपेंटर का काम करता है बाकि दो छोटा-मोटा मजदूरी का काम करते हैं। तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड है।
व्यापारी के भाई ने स्लिप देखकर 5 लाख रूपए बदमाश को दे दिए
एडिएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि व्यापारी प्रदीप पोरवाल ने तीनों बदमाशों को वारदात के समय ही पहली बार देखा था। पूछताछ में बदमाशों ने बताया उन्हें रूपयों की जरूरत थी, उन्हें किसी जानकार से पता चला कि प्रदीप पोरवाल ऋण व्यापारी है और वह जेवर, प्रोपर्टी या गारंटी पर किसी को भी ऋण दे देता है और उसके पास हर समय रूपए रहते हैं। इस पर तीनों बदमाशों ने व्यापारी से फिरौती लेने की योजना बनायी। तीनों व्यापारी के घर में बने ऑफिस में घुसे। एक ने कनपटी पर पिस्टल रखी, जो कि नकली थी और दूसरे ने गर्दन पर चाकू रखकर 2 करोड़ रूपए की फिरौती मांगी, मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
व्यापारी काफी डर गया और उसने अपने ज्वैलरी व्यापारी भाई को फोन कर कहा कि वह एक लड़के को भेज रहा है, उसे 5 लाख रूपए दे दे। तीनों में से एक बदमाश बड़ा बाजार में व्यापारी की भाई की दुकान पर गया, व्यापारी की 5 लाख रूपए लिखी स्लिप दिखायी। ज्वैलरी भाई ने बदमाश को 5 लाख रूपए दे दिए। 5 लाख रूपए लेकर वह बदमाश वापस घर लौटा और इसके बाद तीनों रूपए लेकर फरार हो गए। व्यापारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से तीनों बदमाशों को चिह्नित किया और तलाश कर गिरफ्तार कर लिया।
ऐसी वारदात पहली बार हुई
जानकारों के अनुसार उदयपुर में इस तरह की वारदात पहली बार हुई, जब अज्ञात बदमाश व्यापारी के घर में घुसे और धमका कर फिरौती लेकर भी फरार हो गए। अब तक बदमाष गैंगस्टर के नाम से व्यापारी को धमकाते थे और रूपए की वसूली करते थे। लेकिन इन तीनों नए बदमाशों ने तो उदयपुर के पेशेवर गैंगस्टर्स को भी पीछे छोड़ दिया।
टीम : वारदात के खुलासे में हेडकांस्टेबल शरीफ खान, कांस्टेबल ओमवीर सिंह, ओमप्रकाश, प्रमोद कुमार, प्रवीण कुमार और साईबर सेल प्रभारी हेडकांस्टेबल गजराज सिंह, कांस्टेबल लोकेश रायकवाल की मुख्य भूमिका रही है।

