उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गुरूवार दोपहर अंबामाता थाने के हेडकांस्टेबल महेन्द्र सिंह चूंडावत को 15 हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। हेडकांस्टेबल यह राशि परिवादी से क्षेत्र में जुआ-सट्टा चलाने देने की मासिक बंधी के रूप में मांग रहा था।
उदयपुर एसीबी ने बताया कि रिश्वत राशि मासिक बंधी के रूप में ली गयी, ऐसे में इसमें थानाधिकारी लक्ष्मण राम विश्नोई की भूमिका की जांच भी होगी। यह पूरी कार्यवाही एसीबी एडिएसपी सुधीर जोशी के निर्देशन में एसीबी इंस्पेक्टर हरीशचन्द्र सिंह चूंडावत ने टीम के साथ की है।
यहां रोचक बात यह भी है कि पछले एक महीने में उदयपुर में तीन मामले सामने आए जिसमें एसीबी ने पुलिसकर्मी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है और तीनों ही मामलों में विश्नोई जाति के पुलिस अधिकारी और कर्मी एसीबी जांच के दायरे में आ गए हैं। तो यह इस ओर इशारा तो नहीं है कि विश्नोई जाति के पुलिसकर्मी उदयपुर एसीबी के रडार में है.? सवाल यह भी है कि विश्नोई जाति के पुलिसकर्मी ही क्यों ट्रेप हो रहे हैं..?
पुलिस विभाग में चर्चाओं के साथ एसीबी की कार्यवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि गत महीनों में उदयपुर पुलिस ने कुछ ऐसे प्रकरणों की जांच दोबारा शुरू की है, जिनमें पहले के रहे पुलिस अधिकारियों ने जांच कर बंद कर दिया था या इनमें फाइनल रिपोर्ट दे दी थी। अब इन पुराने प्रकरणों में दोबारा हो रही जांच और एसीबी के पिछले दो महीने में एक ही जाति के पुलिसकर्मियों को ट्रेप करने में क्या और कितना संबंध है, इसकी एआर लाइव न्यूज पुष्टि नहीं करता है, लेकिन पुलिस विभाग में जो चर्चा है, वह पाठकों तक जरूर पहुंचा रहा है। हो सकता है कि इनमें संबंध हो और हो सकता है कि यह सिर्फ एक संयोग हो।
क्षेत्र में जुआ-सट्टा चलने देने की बंधी मांग रहा था हेडकांस्टेबल
एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार अंबामाता थाना पुलिस ने गत सप्ताह कृष्णपुरा निवासी नरेन्द्र शर्मा को जुआ-सट्टा खेलने के मामले में गिरफ्तार किया था। जब नरेन्द्र शर्मा की कानून के तहत जमानत हो गयी थी। इसके बाद से थाने का हेडकांस्टेबल महेन्द्र सिंह चूंडावत नरेन्द्र शर्मा से मासिक बंधी के 15000 रूपए की मांग कर रहा था। महेन्द्र सिंह का कहना था कि क्षेत्र में जुआ-सट्टा चलाना है तो मासिक बंधी 15 हजार रूपए देनी होगी। इस पर नरेन्द्र सिंह ने एसीबी को शिकायत की। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और गुरूवार को हेडकांस्टेबल महेन्द्र सिंह को मासिक बंधी के 15 हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
क्यों विश्नोई ही हो रहे हैं ट्रेप..?
उदयपुर में विश्नोई थानेदार या पुलिस कर्मी के एसीबी की जांच के दायरे में आने का यह पिछले एक महीने में तीसरा मामला है। गत महीने ही एसीबी ने घासा कांस्टेबल मनोज विश्नोई को अभियुक्त के वारंट तामील करवाने की एवज में रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। दो दिन पहले खेरवाड़ा एसएचओ भंवर लाल विश्नोई मामले में धारा नहीं लगाने की एवज में ढाई लाख रूपए रिश्वत लेते धर लिए गए। आज मासिक बंधी लेते हुए भले ही थाने का हेडकांस्टेबल महेन्द्र सिंह गिरफ्तार हुआ हो, लेकिन मासिक बंधी होने के चलते इस मामले में थानाधिकारी लक्ष्मणराम विश्नोई की भूमिका की जांच भी होगी।

