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खेरवाड़ा एसएचओ 2.50 लाख रूपए घूस लेते गिरफ्तार : उस धारा को हटाने की रिश्वत मांगी जो एफआईआर में ही नहीं थी

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उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर जिले के खरेवाड़ा थाने के एसएचओ भंवरलाल विश्नोई को डूंगरपुर की एसीबी टीम ने ढाई लाख रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एसएचओ भंवरलाल ने यह राशि परिवादी अमित से मामले में आईपीसी की धारा 452 हटाने की एवज में मांगी थी। खासबात यह है कि यह धारा एफआईआर में थी ही नहीं, फिर भी एसएचओ परिवादी को धमका रहा था। एसएचओ डेढ़ लाख रूपए रिश्वत परिवादी से ले चुका था और ढाई लाख रूपए मांग रहा था।

डूंगरपुर एसीबी डीएसपी गुलाब सिंह ने बताया कि एसएचओ भंवरलाल विश्नोई को ढाई लाख रूपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एसएचओ भंवरलाल विश्नोई ने साढ़े चार लाख रूपए की रिश्वत परिवादी अमित बालेसर से मांगी थी। एसएचओ डेढ़ लाख रूपए परिवादी अमित से पहले ही ले चुका था और ढाई लाख रूपए और देने के लिए बार-बार धमका रहा था।

धाराएं मारपीट की, जांच एएसआई को देनी थी, एसएचओ ने अमीर आरोपी देख खुद के पास रख ली

उस धारा को हटाने पर रिश्वत मांगी जो एफआईआर में है ही नहीं

डीएसपी गुलाब सिंह ने बताया कि खेरवाड़ा में अख्तर अली और अमित बालेसर के बीच लेन-देन का विवाद चल रहा था। 21 जनवरी को अख्तर अली ने अमित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी और आरोप लगाया था कि वह (खुद अख्तर अली) काम पर जा रहा था, इस दौरान रास्ते में अमित ने उसे रोका। अमित विवाद को लेकर अख्तर के साथ गालीगलौज कर मारपीट करने लगा और घसीट कर अपनी दुकान के अंदर तक ले गया और मारपीट की। अख्तर अली की रिपोर्ट पर खेरवाड़ा में आईपीसी की धारा 341,323,504,34 धारा के तहत अमित के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। यह सभी धाराएं जमानती हैं।

इस एफआईआर में आईपीसी की धारा 452 नहीं थी, क्यों कि यह धारा घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में लगती है, जो कि एफआईआर के हालात ही नहीं हैं।

एसएचओ ने अपने पास ही रख ली मारपीट की जांच

आमतौर पर मारपीट के मामलों की जांच थाने में एएसआई या हेडकांस्टेबल को दी जाती हैं। लेकिन इस मामले में आरोपी अमित को आर्थिक रूप से सक्षम देखकर एसएचओ भंवरलाल ने जांच किसी अधिनस्थ को देने के बजाए खुद के पास रख ली। जांच के नाम से अमित को थाने बुलाया और धमकाया कि धारा 452 लगाने का प्रेशर है, यह धारा लगेगी तो गिरफ्तार होगे और समाज में बदनामी हो जाएगाी। ऐसे में इस धारा को हटाने की एवज में 4.50 लाख रूपए देने होंगे। बाद में एसएचओ भंवरलाल 4 लाख रूपए में राजी हो गया।

डेढ़ लाख रूपए पहले ही अमित से ले लिए थे और ढाई लाख रूपए और मांग रहा था। इस पर अमित ने एसएचओ के रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी को की। सत्यापन में पुष्टि होने पर मंगलवार को टीम ने आरोपी एसएचओ को रंगे हाथों ढाई लाख रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।

आईजी ने 4 दिन पहले किया था ट्रांसफर

एसएचओ भंवरलाल का आईजी बिनीता ठाकुर ने चार दिन पहले 7 फरवरी को ही ट्रांसफर कर दिया था। तबादला उदयपुर जिले से बासवाड़ा किया गया था। आईजी बिनीता ठाकुर के जारी किए गए तबादला के इस आदेश में पूरे संभाग से मात्र दो एसएचओ के ही तबादला हुए थे। इसमें एक भंवरलाल विश्नोई थे। हालां कि भंवरलाल थाने से रिलीव नहीं हुए थे और परिवादी से रिश्वत मांग धमकाते रहे।

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