उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर जिले और आस-पास के वन क्षेत्र में वन्यजीवों के खाल और अंगों की तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय है। इसका खुलासा सोमवार को जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और अंबामाता टीम की कार्यवाही में हुआ, जब पुलिस ने तस्कर को गिरफ्तार कर उससे पैंथर की खाल बरामद की है। कार्यवाही अंबामाता थाने में चल रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस को जानकारी मिली थी कि कोई तस्कर उदयपुर में पैंथर की खाल बेचने की फिराक में हैं। इस पर स्पेषल टास्क फोर्स एसटीएफ की टीम ने तस्कर पर नजर रखी और सोमवार रात को अंबामाता थाना क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। तस्कर से पुलिस को पैंथर की खाल भी बरामद हुई है।
पुलिस तस्कर से पूछताछ कर पड़ताल कर रही है कि वह यह खाल कहां से लाया, पैंथर का षिकार कहां किया गया था, यहां किसको बेचने के लिए लाया था और इस तस्कर से आगे किस किस तस्कर गिरोह के तार जुड़े हुए हैं। इसकी विस्तृत खबर और इससे संबंधित अन्य पहलू जानने के लिए के लिए पढ़ते रहिए www.arlivenews.com ।
पहले भी पकडे जा चुके हैं अंतरराष्ट्रीय तस्कर संसारचन्द्र की पत्नी और बेटा
उदयपुर में मई 2015 में हाथीपोल थाना पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उससे पैंथर की खाल बरामद की थी। इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय तस्कर संसारचन्द्र के परिवार से जुड़े मिले थे। बाद में पुलिस ने तफ्तीष कर संसार चन्द्र की पत्नी और बेटे को भी इस मामले में आरोपी बना गिरफ्तार किया था।
गत दो सालों में पैंथर का शिकार करने के लिए लगाए गए वन क्षेत्र से सटे खेतों में फंदे लगाए जाने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इन फंदों में पैंथर फसा भी, लेकिन ग्रामीणों की जागरूकता से शिकारी पैंथर को मार नहीं पाए और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इससे यह तो स्पष्ट है कि जिले में पैंथर का शिकार करने के लिए शिकारी सक्रिय हैं।

