उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचारा निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को जनजाति विभाग के बड़ी स्थित स्वच्छ परियोजना कार्यालय पर छापा मारा। एसीबी टीम ने जब वहां विभिन्न योजनाओं के दस्तावेज खंगाले। परियोजना के बजट, इसके खर्च और सामग्री व फर्नीचर के बिलों में करीब 35 करोड़ रूपए का गबन होना सामने आ रहा है।
एसीबी टीम को देखकर कार्यालयों और केन्द्रों पर मौजूद कार्मिकों व अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर 7 टीमों ने स्वच्छ परियोजना के उदयपुर मुख्यालय सहित डूंगरपुर, बासंवाड़ा के मैनेजर कार्यालय और राजसमंद, उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर में संचालित मां-बांड़ी केन्द्रों पर छापा मारा।
टीमों ने सभी कार्यालयों और केन्द्रों पर चेकिंग कर रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेज जब्त किए। यह कार्यवाही एसीबी एडि.एसपी सुधीर जोशी के नेतृत्व में निरीक्षक हरीशचन्द्र सिंह की टीम ने की है।
परियोजना के बजट और विभिन्न मदों में हुए खर्चों में मिली गड़बड़ियां
: परियोजना के बजट के पिछले 2 साल में विभिन्न साजो-सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर आदि सामान की खरीद और इसके भौतिक सत्यापन के दस्तावेज जब्त किए।
: परियोजना के तहत विभिन्न स्वीकृति, निर्मित भवनों और विकास कार्यों के संबंधित दस्तावेज जब्त किए।
: पन्नाधाय प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए परियोजना संचालन के लिए कर्मचारियों को सेवा पर लेने, उनके भुगतान और वास्तव में कार्यरत कर्मचारियों के दस्तावेज जब्त किए।
: परियोजना के सौजन्य से हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम पर आवंटित बजट व उसके खर्च संबंधित दस्तावेज जब्त किए।
: मां-बाड़ी केन्द्रों पर वितरण पोषाहार, गणवेश और उपलब्ध बच्चों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।

